- मनरेगा मद से कराए गए कार्यों में 1.15 लाख का गबन पाया गया
- कार्यों को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के लिए तय होगा बीडीओ का उत्तरदायित्व
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। ग्राम पंचायत दयालपुर में 1.15 लाख रुपये के गबन के मामले में खंड विकास अधिकारी पर की गई कार्रवाई का ब्योरा ग्राम्य विकास आयुक्त ने तलब किया है। कहा है कि कार्यों को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के लिए बीडीओ का उत्तरदायित्व तय किया जाए और इसकी रिपोर्ट प्राप्त कराई जाए।
विकास खंड हरपालपुर की ग्राम पंचायत दयालपुर में मनरेगा मद से कराए गए कार्यों में से नौ कार्यों में 1,15,345 रुपये का गबन जांच में पाया गया था। ग्राम्य विकास विभाग के संयुक्त आयुक्त मनरेगा रंजीत सिंह ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि विभागीय टेक्निकल ऑडिट कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पंचायत सचिव, प्रधान को ही उत्तरदायी बताया गया है। इस्टीमेट बनाने वाले और तकनीकी स्वीकृति देने वाले अवर अभियंता और तकनीकी सहायक के साथ ही वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति देने वाले बीडीओ का भी उत्तरदायित्व भी तय किया जाना है।
उपायुक्त ने बीडीओ का उत्तरदायित्व तय करते भारत सरकार की ओर से मनरेगा के संबंध में जारी आदेश के क्रम में कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट मांगी है।