बादलों ने बढ़ाई किसानों की धड़कन, सता रही फसलों की चिंता
- दोपहर बाद निकली धूप पर भारी पड़े बादल, बूंदाबांदी की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। दो दिन रुक-रुक कर हुई बारिश के बीच गिरे तापमान में रविवार को बढ़त की उम्मीद लगाई गई। जब दोपहर बाद धूप निकली तो लगा कि अब मौसम साफ हो जाएगा। मगर कुछ ही देर बाद बादलों ने आसमान में डेरा डाल दिया। देखते ही देखते बादल छा गई। इससे फसलों की चिंता में किसानों की धड़कन बढ़ गई। बूंदाबांदी की आशंका से किसानों में डर बना रहा। क्योंकि बारिश हुई तो खासतौर पर गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है।
फसलों के नुकसान की चिंता उनके चेहरों पर साफ तौर पर दिखी। पहले ही बारिश व तेज हवा के चलते सरसों की मडाई का काम ठप है तो गेहूं की फसल खेतों में कई स्थानों पर पलटने से किसानों की आंखों से आंसू निकल रहे हैं।
15 से 20 फीसदी तक नुकसान
फौरी तौर पर किसानों को सरसों व गेहूं में 15 से 20 फीसदी तक नुकसान होने की आशंका है। अब यदि मौसम के मिजाज यूं ही रहे तो सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसल को होने की आशंका है।
मौसम का गड़बड़ाना चिंता का विषय
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम बिगड़ा रहा है और बारिश हुई तो फसलों को काफी नुकसान हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीपीएन गौतम, डॉ. एमके सिंह ने कहा कि रबी फसलों में बोई जाने वाली फसलों की मार्च से अप्रैल में ही कटाई और मडाई हो जाती है। जिले में लगभग 3.5 लाख हेक्टेयर में बोई गईं फसलों में गेहूं की फसल पकने की कगार पर है। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में कई क्षेत्रों में गेहूं की कटाई शुरू हो जाएगी। दो दिन पहले तक बढ़ा तापमान चिंता का विषय था, तो अब बारिश व हवाओं के बाद बदली छाना चिंता का विषय बना हुआ है। मौसम के गड़बड़ाने से किसानों का परेशान होना स्वाभाविक है।
चौंका रहा मौसम
हरदोई। मौसम वेधशाला के पर्यवेक्षक रमेश चंद्र ने कहा कि मौसम के मिजाज रविवार को चौंकाने वाले रहे। दोपहर बाद बदली छाने से बूंदाबांदी की आशंका बढ़ गई है। इस समय फसलों के लिहाज से बूंदाबांदी व तेज हवाएं काफी नुकसानदायक है।
किसानों की होगी हर संभव सहायता
हरदोई। उप निदेशक कृषि डा. नंद किशोर ने बताया कि अभी तक गांवों से मिल रही सूचनाओं के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में कहीं कम कहीं ज्यादा नुकसान होने का आकलन किसान कर रहे है। पांच से 20 फीसदी उत्पादन प्रभावित होने की जानकारी किसान दे रहे हैं। नुकसान के सही आकलन के लिए टीमें कार्य कर रही हैं। रविवार को बदली छाए रहने से फसलों को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। अब अगर बारिश होती है तो फिर पैदावार घटने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।