संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। अमर उजाला के गुरुवार के अंक में प्रकाशित खबर का बड़ा असर हुआ और लोगों को कीचड़युक्त मार्ग से मुक्ति मिलनी शुरू हो गई। कागजों में कराई इंटरलाॅकिंग कागजों पर ही हो गया भुगतान शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद कार्रवाई से बचने के लिए करीमनगर में इंटरलॉकिंग लगावानी शुरू करा दी गई।
समिति जांच पूरी नहीं कर पाई और जिम्मेदारों ने घपले पर्दा डालने का काम किया है। किन्हौटी के साथ ही जामू में भी कार्यों पर गुरुवार रात बारिश बंद होने के बाद स्वयं सहायता समूह की ओर से रात में ही सिटीजन इनफॉरमेशन बोर्ड (सीआईबी) लगवाए गए हैं।
विकास खंडीला के जामू और किन्हौटी में करीब 20 कार्याें पर सीआईबी नहीं लगवाए गए थे और किन्हौटी में इंटरलॉकिंग नहीं लगवाई गई थी। इन कामों का भुगतान ब्लॉक के जिम्मेदारों ने कागजों पर ही काम मानते हुए कर दिया था। खबर का संज्ञान लेकर डीएम एमपी सिंह ने संडीला एसडीएम तान्या सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया। समिति ने गुरुवार को ही जांच के लिए अभिलेख तलब कर लिए थे।
ब्लॉक के जिम्मेदारी समिति को अभिलेख दे पाते और समिति जांच पूरी कर पाती कि जिम्मेदारों ने मनरेगा मद के कामों में किए गए घपलों पर पर्दा डालने व कार्रवाई से बचने के लिए बारिश बंद होते काम कराना शुरू करा दिया। समूह व सत्तादल से जुड़े एक पदाधिकारी ने गुरुवार रात में बारिश थमते ही सीआईबी लगवाने का काम पूरा करा लिया।
ग्रामीणों में चर्चा है कि जो काम दिन में न हो पाए वह रातोंरात कराने पड़ गए। शुक्रवार को किन्हौटी के मजरा करीमनगर में रामविलास के मकान से ज्ञानी के मकान तक इंटरलॉकिंग व नाली काम भी कराया जाता रहा।