हरदोई। ग्रामोदय महाविद्यालय डिघिया में सोमवार को बाल विवाह, बाल मजदूरी मुक्त भारत विषय पर संगोष्ठी हुई। इसमें कहा गया कि बाल विवाह के कारण ही अधिकांश बेटियां शिक्षा से वंचित रह जाती है। इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।
संगोष्ठी में केरल से आए संस्था के डायरेक्टर थॉमसन थामस ने कहा की बेटी भारत का भविष्य है, जिसको ईश्वर ने पुरुषों से पृथक सृजन व पालन की शक्ति प्रदान की है। देश में 15 लाख बाल विवाह प्रतिवर्ष होते हैं, जिस कारण बालिकाएं शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। बाल विवाह, बाल मजदूरी पूर्ण रूप से बंद होनी चाहिए।
विजय प्रकाश मिश्र ने कहा कि बाल विवाह, वाल मजदूरी समाज व देश के लिए घातक है, इनके प्रति लोगों को जागरूक किया जाना जरूरी है। अध्यक्ष सुशील कुमार मिश्र ने कहा एक बेटी पढ़ लिखकर अपने माता-पिता व अपने पति दो घरों को जाग्रत करती है, परंतु जब उसी के साथ भेदभाव होता है तो समाज का विकास संभव नहीं है।
जिला संयोजक अवनीश मिश्र ने सभी का आभार व्यक्त किया। देवराज, अमोल मिश्र, कौशल किशोर त्रिपाठी, उमेश कुमार, आदित्य कुमार, दीपक शर्मा, अनुराग मिश्र, पूर्व प्रधान सत्य प्रकाश मिश्र, सोनू कुमारी, शिवेंद्र प्रकाश मिश्र, कुलदीप कुमार, अभय श्रीवास्तव मौजूद रहे।