फोटो: 17 पिहानी सीएचसी का भवन। संवाद फोटो:18 पिहानी सीएचसी में गैलरी में बनाया गया इमरजेंसी कक्ष। संवाद
- पिहानी के अस्पताल का हाल, एनेस्थेटिस्ट गायब, सिजेरियन प्रसव नहीं हो पा रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
पिहानी। चिकित्सकों की कमी के चलते सीएचसी पर आने वाले मरीजों को रेफर की पर्ची थमा दी जाती है। इससे मरीज व तीमारदार इधर-उधर के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। आलम यह है कि गैलरी में इमरजेंसी सेवाएं चल रही हैं।
सीएचसी में इन दिनों प्रतिदिन 350-400 की ओपीडी होती है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक तो पिहानी सीएचसी के एनेस्थेटिस्ट डॉ. आमिर 25 मई से बिना सूचना के गायब हैं। इसके चलते यहां पिछले माह से सिजेरियन प्रसव बंद चल रहे हैं। सीएचसी का इमरजेंसी कक्ष गैलरी में चल रहा है, जबकि आंकड़ों में पिहानी सीएचसी पर जिले के बाद सबसे ज्यादा प्रसव होते हैं। विशेष सुविधाएं तो दूर यहां स्टाफ और व्यवस्थाओं की कमी के कारण प्रसूताओं को सामान्य सेवाएं तक नहीं मुहैया हो पा रही हैं।
पिछले दिनों यहां से कई चिकित्सकों के तबादले के बाद सीएचसी पर केवल अधीक्षक जितेंद्र श्रीवास्तव व डॉ. वैभव जायसवाल के सहारे ही स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन हो रहा है। इमरजेंसी आदि के लिए आयुष चिकित्सकों की मदद ली जाती है। इनमें भी एक पर जहानीखेड़ा की जिम्मेदारी है।
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न्यू पीएचसी रैंगाई में स्वास्थ्य सुविधाएं पर लगा ग्रहण
दो स्टाफ नर्स के तबादले के बाद न्यू पीएचसी रैंगाई पर भी स्वास्थ्य सुविधाएं तकरीबन बंद हो गई हैं। सीएचसी पिहानी में छह स्टाफ नर्स के स्थान पर केवल पांच की तैनाती हैं। एक को पिहानी से 100 बेड पर तैनात कर रखा गया।
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इमरजेंसी कक्ष को लेकर विभाग उदासीन
पूर्व सीएचसी पर इमरजेंसी कक्ष की आवश्यकता पर तत्कालीन पालिकाध्यक्ष मरहूम हाजी साजिद के पुत्र हाजी मोहम्मद जमाल ने यहां खर्चे से इमरजेंसी कक्ष बनवाने की घोषणा करते हुए एक पत्र भी लिखा था। अधीक्षक ने बताया कि इसकी सूचना तत्काल ही उच्चाधिकारियों को भेज दी गई थी। इसके बाद से इस बाबत कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
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इमरजेंसी कक्ष समेत ओपीडी व ऑफिस के लिए भी पर्याप्त जगह न होने से कार्य प्रभावित हो रहा है। गर्मियों में शीतल विकल्प के लिए दोनों फ्लोर पर वाटर कूलर और और आरओ लगाया गया है। एआरवीवएएसवी समेत सभी जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध हैं।
- डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव, अधीक्षक, पिहानी सीएचसी हरदोई