हरदोई। उच्च न्यायालय की लखनऊ खंड पीठ की ओर से एक मुकदमे की पत्रावली मांगे जाने पर इसके गायब होने का राज खुला। रहस्यमय परिस्थितियों में गायब सरकारी पत्रावली के मामले में कलक्ट्रेट के न्याय सहायक ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाली शहर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू की है।
पत्रावली गायब होने की जानकारी पर डीएम एमपी सिंह ने नाराजगी जाहिर की। डीएम के आदेश पर कलक्ट्रेट के न्याय सहायक (प्रथम) अखिलेश राजन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ की बेंच ने 17 जनवरी 2024 को पत्रावली मांगी।
तब अपील संख्या 423/1992 राज्य सरकार बनाम दिवारी लाल व दो अन्य के सत्र परीक्षण संख्या 633/1990 धारा 304 थाना पाली की केस डायरी व मूल अभिलेख अभिलेखागार में नहीं मिले। इस मामले में शासकीय अधिवक्ता ने अपर सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) के यहां से 12 मई 1992 को हुए फैसले के खिलाफ अपील की है।
पत्रावली के गायब होने की जांच समिति से कराई गई। इसमें पता चला कि 1992 की डाक बहीं 10 अगस्त 1999 को नष्ट की जा चुकी है। कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि डीएम के आदेश अज्ञात कर्मचारी के खिलाफ गबन में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच दरोगा हरिनाथ को सौंपी गई है।