18 अप्रैल को गांव गनियावली व पैंडरा के बीच 600 बीघा गेहूं की फसल में लगी आग के कारण का खुलासा हो गया है। उप निदेशक विद्युत सुरक्षा की जांच में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है। उपनिदेशक ने अपनी रिपोर्ट प्रबंध निदेशक विद्युत आगरा को भेज दी है। मामले में विद्युत विभाग के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। अब किसानों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए प्रशासन ने मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गांव गनियावली व पैंडरा के बीच गेहूं की खड़ी फसल में आग लग गई थी। इसमें करीब 600 बीघा फसल जलकर राख हो गई थी। इससे किसानों के परिवार में खाने के गेहूं व मवेशियों के लिए भूसे का संकट पैदा हो गया है। आग बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुई थी इसका खुलासा उप निदेशक विद्युत सुरक्षा ने भी अपनी जांच में किया है।
उन्होंने पाया कि संदीप शर्मा के नलकूप के निकट खेत में लगे ट्रांसफॉर्मर से सेकेंड्री साइड से बुशिंग के जरिए नलकूप के लिए केबिल जा रही है। दोपहर करीब 12.30 बजे ट्रांसफॉर्मर की एलटी बुशिंग से उत्पन्न चिंगारी के कारण कटी पड़ी फसल ने आग पकड़ ली और उसने विकराल रूप धारण कर लिया। उन्होंने माना कि यह अग्निकांड भारतीय विद्युत नियमावली 1956 के नियम 29 के प्रावधानों का पालन न करने के कारण हुआ। इसके लिए निगम का अनुरक्षण स्टाफ उत्तरदायी है। दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई व पीड़ित किसानों को क्षतिपूर्ति दी जाए।
किसनों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू
गनियावली के ग्राम प्रधान प्रशांत मुद्गल ने बताया कि करीब 49 किसानों का नुकसान हुआ था। सभी को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने भी अधिकारियों से वार्ता कर किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा है। इसमें गनियावली के नईमुद्दीन, राजेश, लतीफ खां, शैलेंद्र, कृष्ण कुमार, मुकेश, जगदीश प्रसाद, छोटेलाल शर्मा, मोहर सिंह, जरीना बेगम, अभिषेक नागर, अमर सिंह, कपिल, ओमप्रकाश, हरप्रसाद, मुजाहिद, शमशुद्दीन, शायद खां, अमीरुद्दीन खां, बबलू खां, शकील खां, सूरजपाल, वासिरा बेगम, मुवीन खां, दूल्हे मियां, फरियान खां, गरीब खां, सत्यवीर सिंह, रजनी देवी, सतवीर, होराम किशोर, यामीन, चंद्रवती, धीरेश शर्मा, राकेश, चतुरी सिंह, इस्लाम खां, मनोहरलाल, चोब सिंह, चंद्रवती देवी, योगेश, मक्खन लाल, राजेश शर्मा, गंगा देवी, धनोज कुमार, सुनील शर्मा व पेंडरा के बनी सिंह, बच्चू सिंह, साहब सिंह आदि का नुकसान है।