हरदोई। एनएच-731 का काम चल रहा है। इसके लिए भूमि का अधिग्रहण भी किया गया है लेकिन, तीन बाईपास और चार अंडरपास के निर्माण के लिए चिह्नित पूरी भूमि का अधिग्रहण और प्रभावित किसानों को मुआवजा का भुगतान न होने से काम अटक गया है।
नेशनल हाईवे अथार्टी ऑफ इंडिया की ओर से लखनऊ से हरदोई होते शाहजहांपुर तक एनएच-731 का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए मार्ग को फोर लेन बनवाने के साथ ही यातायात के दबाव को देखते हुए शहर को बड़े वाहनों से छुटकारा दिलाने के लिए बाईपास भी बनवाया जा रहा है।
शहर के बाहर-बाहर बाईपास के साथ ही कस्बा शाहाबाद और बेहटा गोकुल में भी बाईपास प्रस्तावित है। ऐसे ही कोर्रिया, कौढ़ा, टोडरपुर और हूंसेपुर में अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है। बाईपास और अंडरपास के निर्माण के लिए करीब 1,500 किसानों से भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इसमें सदर तहसील में करीब करीब 1,200 और शाहाबाद में करीब 3,00 किसान शामिल हैं। इन किसानों से अधिग्रहीत की गई जमीन और संपत्ति के एवज में 218 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना है।
बताया गया कि अभी तक 175 करोड़ का ही भुगतान हो पाया है। शाहाबाद बाईपास के लिए 3.47 हेक्टेयर और हरदाेई बाईपास के लिए करीब पांच हेक्टेयर भूमि के समझौता के आधार पर रुपये ही तय नहीं हो पाए हैं। इससे शाहाबाद में करीब एक किमी. और हरदोई में 1.20 किमी. लंबाई में बाईपास का काम नहीं कराया जा पा रहा है।
इसके लिए करीब 43 करोड़ का भुगतान होना है। ऐसे ही नौ करोड़ रुपये का भुगतान परिसंपत्तियों के लिए होना है, यह भुगतान भी नहीं हो सका है।
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लोकसभा चुनाव के कामों के कारण देरी हुई है। जल्द ही रुपये तय कराते हुए भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। - प्रियंका सिंह, एडीएम