हरदोई। पाली थाना क्षेत्र में हुए युवराज हत्याकांड में राजनीति चमकाने की कवायद बसपा नेता के लिए मुसीबत का सबब बन गई है।
बृहस्पतिवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीता ने दो मामलों में बसपा नेता और उनके साथियों की जमानत मंजूर कर ली, लेकिन इसी बीच पुलिस ने तीसरे मामले में रिमांड मांग ली। जज ने रिमांड मंजूर करते हुए बसपा नेता और उसके साथियों को जेल भेज दिया। अब मामले में सुनवाई शुक्रवार को होगी।
पाली थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव निवासी युवराज सिंह (17) की बीती तीस मई को गोली मारकर हत्या करददी गई थी। विवाद में एक किशोरी से नजदीकियां वजह के तौर पर सामने आई थीं।
तीस मई की रात ही पुलिस ने मुठभेड़ के बाद हत्यारोपी तीन किशोर और उनके दो साथियों को पकड़ लिया था। इनमें से एक को जेल और चार को बाल सम्प्रेक्षण गृह भेजा गया है। इसके बाद भी बसपा नेता राजवर्धन सिंह राजू पाली क्षेत्र में राजनीति चमकाने की कोशिश लगातार कर रहे थे। पुलिस घटना के बाद से दो मामलों में उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है, जबकि 31 मई को श्रद्धांजलि सभा के आयोजन और पाली में हुए बवाल के मामले में अज्ञात आरोपियों में पुलिस ने बसपा नेता राजवर्धन सिंह राजू और उसके साथियों को शामिल किया है। बुधवार को पुलिस ने दो मामलों में उसे न्यायालय में पेश किया था।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसे जेल भेज दिया था और केस डायरी तलब की थी। इन दोनों मामलों में बृहस्पतिवार को राजवर्धन को जमानत मिल गई, लेकिन तब तक पुलिस ने 31 मई को हुए बवाल की रिमांड मांग ली। अभियोजन अधिकारी प्रवीण चौधरी, अनिल कुमार और शारदा प्रसाद ने जज से इस मामले में केस डायरी तलब करने का आग्रह किया और तब तक आरोपी को जेल भेजे जाने की मांग की। इस पर जज ने राजू को जेल भेज दिया और इस मामले की केस डायरी तलब करते हुए जमानत पर सुनवाई के लिए शुक्रवार का दिन तय किया है।