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Hardoi News: एक्स-रे रिपोर्ट चाहिए तो मोबाइल लाएं, 60 दिन बाद भी नहीं बन सकी मशीन

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फोटो- 5 फोल्डिंग एक्स-रे मशीन। संवाद
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फोटो- 27 मोबाइल पर एक्स-रे की फिल्म दिखाता अमित। संवाद
फोटो-28 मुकेश।
- मेडिकल कॉलेज का हाल, मरीज या तीमारदार मोबाइल से फोटो खींचकर करा रहा इलाज
- रोजाना करीब 1500 मरीजों के होते हैं एक्स-रे
- मोबाइल न होने पर मायूस होकर लौटते हैं मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में अगर आपको एक्स-रे कराना है तो फिर मोबाइल भी लाना अनिवार्य है। अगर मोबाइल आपके पास नहीं है तो फिर आपको एक्स-रे की फिल्म या रिपोर्ट नहीं मिल पाएगी। यह समस्या पिछले दो माह से चल रही है, क्योंकि अभी तक डिजिटल एक्स-रे मशीन नहीं बन सकी है।
हरदोई मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय में स्थित डिजिटल एक्स-रे मशीन पिछले दो माह से खराब पड़ी है। कई बार इंजीनियर आए और इस मशीन को सही करने के लिए उपकरणों को लगाया, लेकिन डिजिटल एक्स-रे मशीन को सही करने में कामयाब नहीं हो सके हैं।
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करीब दो महीने बाद सोमवार को लखनऊ से इंजीनियर आया था। डिजिटल एक्सरे मशीन सही करने का प्रयास किया। खराब उपकरण को बदला गया। इसके बाद एक व दो एक्स-रे किए गए, लेकिन फिर मशीन खराब हो गई। इस तरह से दो महीने गुजरने के बाद भी डिजिटल एक्स-रे मशीन संचालित नहीं हो सकी है।
इनसेट
एंड्राइड मोबाइल नहीं तो डिजिटल फिल्म नहीं
एक्स-रे विभाग में पहले से ही रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर की कुर्सी खाली होने के कारण मरीजों को एक्स-रे रिपोर्ट नहीं मिल पा रही थी। वैकल्पिक तौर पर फोल्डर एक्स-रे मशीन लगाई गई। इसके बाद मरीजों को कुछ राहत मिली है। एक्स-रे होना शुरू हुआ, लेकिन मरीजों के आगे फिर भी एक समस्या बरकरार बनी है। जिस मरीज के पास मोबाइल होता है तो उसे फिल्म नहीं दी जाती है। इससे मरीज या तो घर चला जाता है या फिर प्राइवेट जांच कराने पर मजबूर होता है।
इनसेट
मरीजों की जुबानी उनकी परेशानी
बेनीगंज कोतवाली के सिकंदरपुर बरगदिया निवासी अमित कुमार ईंट-भट्ठे पर गिरने से पैर टूट गया था। करीब डेढ़ महीने बाद जब डिजिटल एक्स-रे मशीन पर जांच कराने के लिए पहुंचे तो उसे मोबाइल पर एक्स-रे फिल्म की फोटो खींचकर दे दी गई है।
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बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के सुरजीत निवासी मुकेश ने बताया कि उनके भाई नंदकिशोर घायल हो गए थे। उसे डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी थी। करीब 15 दिन बाद जब एक्स-रे कराया, लेकिन उसके पास एंड्राइड मोबाइल नहीं होने के चलते उसे रिपोर्ट नहीं मिल पाई। उसे बाहर से एक्स-रे करवाना पड़ा।

कोट
डिजिटल एक्स-रे मशीन को बनाने के लिए शिकायत भेजी जा चुकी है। जल्द ही मशीन सही की जाएगी।
- डॉ. जेके वर्मा, कार्यवाह सीएमएस, हरदोई
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