संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मनरेगा श्रमिकों के मोबाइल नंबर जुटाने में 19 में से 11 विकास खंड जनपद औसत 29 प्रतिशत से कम पर बने हुए हैं, जबकि चार अन्य विकास खंड इससे अधिक हैं। स्थिति कम होने पर सभी 15 ब्लॉकों के कार्यक्रम अधिकारियों (पीओ) सहित 30 अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है।
मनरेगा जॉबकार्ड धारक श्रमिकों में से सक्रिय श्रमिकों के मोबाइल नंबर जुटाते हुए मनरेगा वेबपोर्टल पर अपलोड कराए जाने की व्यवस्था दी गई है। यहां पर 19 विकास खंडों में अभी तक औसतन 29 प्रतिशत श्रमिकों के ही मोबाइल नंबर जुटाए जा सके हैं। मोबाइल नंबर जुटाने में पीओ व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ) ने गंभीरता नहीं दिखाई है।
श्रम रोजगार उपायुक्त रवि प्रकाश सिंह ने पोर्टल पर समीक्षा में पाया कि 11 व चार अन्य विकास खंडों की स्थिति कम है। इस पर उन्होंने 15 विकास खंडों के पीओ व एपीओ से एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है। आदेश दिए हैं कि अभियान चलाकर एक सप्ताह में राज्य औसत से अधिक मोबाइल नंबर जुटाते हुए फीड कराना सुनिश्चित करें।
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ब्लॉकवार श्रमिकों के मोबाइल जुटाने की यह है स्थिति
मनरेगा वेबपोर्टल पर अब तक सक्रिय श्रमिकों के जुटाए गए मोबाइल नंबर की स्थिति पर गौर करें तो विकास खंड बावन में 13.7, मल्लावां में 15, कछौना में 15.8, हरपालपुर में 16.7, हरियावां में 18.3, सांडी में 20.3, सुरसा में 22, बिलग्राम में 22.9, टड़ियावां में 24.5, शाहाबाद में 24.9 व भरावन में 25.1 प्रतिशत ही मोबाइल नंबर जुटाए जा सकें हैं। इसी के साथ विकास खंड अहिरोरी में 29.3, संडीला में 33.2, बेहंदर में 40.9 व पिहानी में 42.4 प्रतिशत मोबाइल नंबर जुटा लिए गए हैं जबकि कोथावां में 44, टोडरपुर में 46.9, भरखनी में 54.1 और माधौगंज में 77.4 प्रतिशत मोबाइल जुटाकर जनपद में अच्छी स्थिति में हैं।