हरदोई। आचार संहिता लागू होने के बाद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के नाम का बोर्ड हटाए जाने और इसके अगले ही दिन उनकी पत्नी की मौत हो जाने का मामला सोमवार को तूल पकड़ गया।
भाजपाइयों ने नगर मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष के आवास के बाहर लखनऊ रोड पर जाम लगा दिया। अपर जिलाधिकारी के कार्रवाई के आश्वासन पर भाजपाई मान गए।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विद्याराम वर्मा का मकान लखनऊ रोड पर है। बीते शनिवार को आचार संहिता लागू होने के बाद विभिन्न दलों और प्रत्याशियों के बैनर पोस्टर हटाए जा रहे थे। इसी क्रम में विद्याराम वर्मा के नाम का बोर्ड भी उनके आवास के बाहर सड़क किनारे से हटवा दिया गया।
इस पर उन्होंने आपत्ति जताई और नगर मजिस्ट्रेट के साथ उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई। वजह कुछ भी रही हो लेकिन अगले ही दिन रविवार को पूर्व जिलाध्यक्ष की पत्नी सुरेश कुमारी का निधन हो गया। भाजपा नेता का आरोप है कि बोर्ड हटाए जाने से सदमे में आकर उनकी पत्नी की मौत हुई है।
सोमवार को शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से पहले भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र, रामौतार शुक्ला, राम किशोर गुप्ता गुड्डू, पूर्व सांसद अंशुल वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष राम बहादुर सिंह आदि कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ रोड पर बैठ गए। नगर मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
पहले मौके पर एसडीएम सदर को भेजा गया, लेकिन भाजपाई नहीं माने। इसके बाद एडीएम प्रियंका सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह मौके पर पहुंचे और भाजपाइयों को समझाया। कार्रवाई के आश्वासन पर भाजपा नेता मान गए और सड़क से उठ गए। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच सीडीओ को सौंपी गई है।
सांसद, जिलाध्यक्ष ने भी जताई नाराजगी
आचार संहिता लागू होने के बाद शहर में निकले नगर पालिका के दस्ते ने सांसद जयप्रकाश का भी एक बोर्ड उखाड़ दिया था। सोमवार को सड़क पर बैठे भाजपाइयों से सांसद जयप्रकाश भी मिले और उन्होंने भी इस पर नाराजगी जताई। भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने भी मामले पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई किए जाने की मांग की।