कोथांवां। कोतवाली बेनीगंज के ग्राम हास बरौली मे सोमवार को लखीमपुर के अरनी मोहल्ले से आई बरात महज एक सोने का हार न होने से बिन दुल्हन लौट गई।
दूल्हे के पिता बबलू ने बताया कि बरात पहुंचने पर लड़की के पिता ने स्वागत सत्कार करने बाद रस्म अदायगी के लिए जेवर, कपड़े आदि समान की मांग की जो उसने दे दिए। जेवरों में गले का हार न होने से लड़की के पिता रोशन अली ने गालियां देते हुए बरात वापस कर दी।
वहीं रोशन अली ने बताया कि उनके यहां बरात तय होते समय सारे सामन व जेवरात आदि करार में शामिल होते हैं। ऐसे में दहेज नहीं लाने पर विवाह कैसे हो सकता है। कोतवाल सुनील दत्त कौल ने बताया की लड़के व लड़की के पिता को काफी समझाने के बाद भी दोनों राजी नहीं हुए। इसके बाद बरात वापस लौट गई है।