हरदोई। ग्रेटर नोएडा में एक निजी क्षेत्र की बैंक का अधिकारी संदिग्ध हालात में रोडवेज बस अड्डे पर बेहोशी की हालत में मिला। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ देर बाद ही मौत हो गई। पास में मिले मोबाइल की मदद से घटना की जानकारी परिजनों को दी गई। पुलिस को जहरखुरानी का शिकार होने की आशंका है।
ग्रेटर नोएडा पश्चिमी के मिश्रख थानाक्षेत्र की एसीई सोसायटी के आवास संख्या ए-1903 में रहने वाले देपायन चौधरी (43) ग्रेटर नोएडा में ही एक निजी क्षेत्र की बैंक शाखा में अफसर थे। उनकी ससुराल हरदोई शहर के मोहल्ला बोर्डिंग हाउस में है। पत्नी नेहा श्रीवास्तव एक प्राइवेट कंपनी में नोएडा में ही मानव संसाधन विभाग की प्रमुख हैं।
देपायन और नेहा का बेटा निखित अपने नाना अवधेश श्रीवास्तव के साथ हरदोई में ही रहकर पढ़ाई करता है। 16 अक्तूबर को देपायन पत्नी के साथ हरदोई आए थे। बीती शनिवार रात वह ग्रेटर नोएडा जाने की बात कहकर घर से निकले। रोडवेज बस अड्डे से उन्हें बस पकड़नी थी। रविवार सुबह वह रोडवेज बस अड़्डे पर बेहोशी की हालत में पड़े मिले। जानकारी पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पास में मिले मोबाइल की मदद से परिजनों को सूचना दी गई।
ससुर अवधेश श्रीवास्तव जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। माना जा रहा है कि देपायन को जहरखुरानों ने अपना शिकार बनाया। देपायन के पास सिर्फ मोबाइल फोन औक पर्स मिला। पर्स में भी 10-10 के तीन सिक्के ही मिले हैं, जबकि बाकी सामान गायब है। शहर कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई जाएगी। मामला जहरखुरानी का लग रहा है।