बड़क्के का आरोप है कि घर आने पर उसका भाई दिलसुख मृत मिला। उसके भाई को जहर देकर मारने का आरोप महंत और तीन लोगों पर लगाया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल गंगेश शुक्ला का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
दो भाईयों की पहले हो चुकी मौत
दिलसुख से दो बड़े भाई आशाराम और भुनकी की पहले ही मौत हो चुकी थी। दिलसुख से छोटे बड़क्के, मगनू, विशनू और नन्हें है। उसकी दो बहनें थीं, जिनकी शादी हो चुकी है।
भाई ने अपनाया था गलत रास्ता
मृतक के भाई बड़क्के का कहना है कि उनका भाई मेहनत-मजदूरी करता था। जब से वह आश्रम में आने-जाने लगा था, तब से वह गलत रास्ते पर चल निकला था। बड़क्के का आरोप है कि महंत की शह पर उसका भाई बिगड़ा और उसी में वह जेल भी जा चुका था।