पुलिस पर हमला करने में प्रयुक्त शस्त्र का लाइसेंस निरस्त
- डीएम ने एसपी और सहायक अभियोजन अधिकारी की रिपोर्ट पर पारित किया आदेश
- कहा, कोतवाल संडीला शस्त्र और लाइसेंस जब्त कर रिपोर्ट प्राप्त कराएं
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। वन्यजीव की हत्या और पुलिस पर हमला करने में प्रयुक्त लाइसेंसी शस्त्र का लाइसेंस जिलाधिकारी ने निरस्त कर दिया है। उन्होंने यह आदेश एसपी और सहायक अभियोजन अधिकारी की रिपोर्ट के परीक्षण के बाद पारित किया है।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने संडीला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खौशीपुरवा नारायनपुर निवासी मोहम्मद हनीफ की एकनाली बंदूक के लाइसेंस संख्या-7510 को निरस्त कर दिया है। आरोपित मोहम्मद हनीफ के खिलाफ कोतवाली में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा-429, 307 के तहत मुकदमा पंजीकृत हैं। आरोपित पर पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नियत से हमला किए जाने की भी एफआईआर है।
प्रभारी निरीक्षक कासिमपुर की ओर से आरोपित के लाइसेंसी शस्त्र के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी।
बताया गया कि एसपी की ओर से कासिमपुर पुलिस की रिपोर्ट को अग्रसारित कर भेजे जाने और सहायक अभियोजन अधिकारी की ओर से दी गई परीक्षण आख्या में लाइसेंसी शस्त्र के दुरुपयोग की आशंका जाहिर करते हुए निरस्त किए जाने की संस्तुति की गई थी।
डीएम ने आयुध अधिनियम के तहत लाइसेंसी शस्त्र की शर्तों के उल्लंघन पर लाइसेंस निरस्त करते हुए संडीला कोतवाल को आदेश दिए गए हैं कि वह लाइसेंस व शस्त्र को जब्त करते हुए मालखाना में जमा कराएं और इसकी रिपोर्ट प्रभारी अधिकारी शस्त्र के कार्यालय और उनके न्यायालय में प्रस्तुत करें।
जिलाबदर अवधि छह माह बढ़ाई
हरदोई: डीएम ने उप्र गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत न्यायालय में प्रकरण की सुनवाई की। उन्होंने हरियावां थाना क्षेत्र के मदरावा निवासी महेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बबलू सिंह को 18 फरवरी से छह माह के लिए और जिलाबदर किए जाने का आदेश पारित किया।
डीएम एमपी सिंह ने यह आदेश थानाध्यक्ष हरियावां की आख्या और सहायक अभियोजन अधिकारी की परीक्षण रिपोर्ट के बाद पारित किया है। बताया गया कि आपराधिक प्रवृत्ति के महेंद्र प्रताप सिंह को पुलिस रिपोर्ट के आधार पर 18 अगस्त 2022 को छह माह के लिए जिलाबदर किए जाने के आदेश डीएम ने पारित किए थे। यह अवधि 18 फरवरी 2023 को पूरी हो रही है। हरियावां थानाध्यक्ष ने दी रिपोर्ट में कहा है कि आरोपित महेंद्र प्रताप सिंह ने जिलाबदर के आदेश का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के ही जनपद की सीमा में रहना शुरू कर दिया। आरोपित को 14 अक्तूबर 2022 को जिले की सीमा के अंदर पकड़ गया था। डीएम ने उप्र गुंडा नियंत्रण अधिनियम 1970 की धारा-3 के तहत जिलाबदर की अवधि को छह माह के लिए और बढ़ा दी है।
हरियावां थानाध्यक्ष को आदेश दिए हैं कि आरोपित को आदेश की प्रति प्राप्त कराते हुए अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।