हरदोई। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में व्याप्त खामियां दुरुस्त न किए जाने पर सीडीओ ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सीएमएस से जवाब-तलब करते हुए जल्द ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से जिला चिकित्सालय में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को उपचारित किया जाता है। यहां पर आंगनबाड़ी केंद्र के पंजीकृत बच्चों में चिह्नित कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक की सलाह पर भर्ती कराया जाता है।
सीडीओ आकांक्षा राना ने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया था। केंद्र में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली थी। गीजर न लगा होने के कारण बच्चों और उनके अभिभावकों को गरम पानी नहीं मिल पाता है।
बच्चों को भर्ती किए जाने वाले हॉल में हीटर भी नहीं लगवाए गए हैं। इससे शीत लहर में उन्हें ठंड से बचाने के इंतजाम नाकाफी हैं। तीन हीटर केंद्र पर हैं, लेकिन वह खराब बताए गए हैं।
हॉल में लगा टेलीविजन खराब पड़ा था। डीटीएच भी टूटा हुआ है। तीमारदारों को भोजन में केवल रोटी दी जा रही है, चावल नहीं दिया जा रहा है। बच्चों के खेलने के लिए प्ले ग्राउंड भी नहीं है। इसी के साथ केंद्र की अन्य व्यवस्थाओं को भी नहीं कराया जा रहा है। 12 जनवरी को की गई समीक्षा में यह खामियां दुरुस्त नहीं मिली। इस पर सीएमएस से जवाब तलब किया गया है।
अभिभावकों को भी नहीं मिल पा रही राशि
सीडीओ आकांक्षा राना ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती होने वाले अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों को यहां से डिस्चार्ज करने के बाद अगले 14 दिन तक देखभाल के लिए अभिभावकों को 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 1400 रुपये दिए जाते हैं। जनवरी में डिस्चार्ज होने वाले करीब 130 बच्चों के अभिभावकों को इस धनराशि का भी भुगतान नहीं किया गया है।