सोमवार को पालीमुकीमपुर थाने के गांव हरदोई के निकट ट्रैक्टर से कुचलकर एक छात्र की मौत हो गई। स्कूल के साथियों के साथ वह शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के लिए उपहार लेने जा रहा था। छात्र की मौत से परिवार वालों में कोहराम मच गया। परिजन पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए छात्र के शव के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे तक शव नहीं उठने दिया। इस दौरान उनकी पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई।
पालीमुकीमपुर थाना क्षेत्र के गांव चंदियाना रामपुर निवासी विजेंद्र सिंह दिल्ली में मजदूरी करते हैं। उनकी पत्नी भी एक सप्ताह पहले उनके पास दिल्ली गई थीं। गांव में उनके तीन बेटे अपनी दादी सोमवती व चाचा प्रमोद के पास रह रहे थे। विजेंद्र सिंह का बड़ा बेटा शिवम कुमार 14 वर्ष गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में आठवीं कक्षा में पढ़ता था।
सोमवार को शिक्षक दिवस पर विद्यालय के कुछ छात्र शिक्षकों के लिए उपहार खरीदने गांव हरदोई जा रहे थे। शिवम भी अपनी साइकिल से उनके साथ जा रहा था। हरदोई के निकट सामने से आ रहे राशन के बोरों से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली ने शिवम की साइकिल में टक्कर मार दी। इससे साइकिल समेत शिवम ट्रैक्टर ट्रॉली के पहिये के नीचे आ गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उसकी मौत से परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। गांव मांडपुर निवासी ट्रैक्टर मालिक और चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
मृतक के चाचा को थप्पड़ मारने पर भड़के परिवार वाले
हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में ले लिया और दूसरे रास्ते से चालक समेत ट्रैक्टर ट्रॉली को थाने ले जाने लगी। तभी पहुंचे मृतक के चाचा प्रमोद ने घटनास्थल पर ट्रैक्टर न पाकर उसका पीछा किया और रास्ते में ट्रैक्टर को रुकवा लिया। प्रमोद ट्रैक्टर को वहीं खड़ा करने की जिद पर अड़ गए। आरोप है कि इस पर एक पुलिस कर्मी ने प्रमोद के थप्पड़ जड़ दिया। इससे परिवार वाले भड़क उठे। शव को सड़क पर रखकर धरने पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पर सीओ रंजन कुमार शर्मा पाली के अलावा छर्रा, दादों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। आरोपी पुलिस कर्मी पर कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। करीब दो घंटे बाद परिवार वालों ने शव उठने दिया।