पिहानी (हरदोई)। सातवीं जुलूस के रौज़ा परिसर में पहुंचते ही डा. अहसन जफर ने करबला की जंग के हवाले से हक की तरफदारी का पैगाम दिया। तकरीर में उन्होंने मौजूद लोगों को समझाया कि हम हुसैन के मानने वाले हैं। हमारी जिंदगियों से भी यह जाहिर होना चाहिए कि हम रसूल और अहले बैत के मानने वाले हैं। बच्चों को सच्चाई अपनाने की सीख देनी चाहिए। करबला के शहीदों को याद करते हुए कहा कि हुसैन ने जान देकर हमें इस्लाम दिया। हुसैन एक ऐसी शख्सियत का नाम है जो पूरी दुनिया के लिए एक पैगाम लेकर आई थी। इमाम शहीद हो गए कि लेकिन हम सब के दिलों में जिंदा हैं और रहती दुनिया तक याद किए जाते रहेंगे।