संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शासकीय राशि की वसूली के प्रति जिम्मेदारों की गंभीरता का इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि पांच साल बाद भी पंचायत सचिव से 7.20 लाख की वसूली नहीं की जा सकी है। यह वसूली आवास योजना से जुड़ी है। पंचायत सचिव ने कोथावां में तैनाती के दौरान छह अपात्रों को आवास योजना का लाभ दिला दिया था।
विकास खंड कोथावां की ग्राम पंचायत झरोइया में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की जांच में खुलासा हुआ था कि गांव निवासी एक व्यक्ति को नगर पंचायत बेनीगंज में भी प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय का लाभ मिला हुआ है। ऐसे ही छह अपात्रों को लाभांवित कराए जाने की पुष्टि हुई थी। प्रकरण पर ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त ने पंचायत सचिव को दोषी मानते हुए वसूली के आदेश दिए थे।
बताया गया कि जांच में दोषी पाए गए ग्राम पंचायत सतेंद्रवीर सिंह का स्थानांतरण इसी बीच विकास खंड बेहंदर हो गया। छह अपात्रों को आवास योजना में जारी कराई गई 7.20 लाख की राशि की वसूली अभी तक नहीं हो पाई है। डीडीओ अरविंद कुमार ने बताया कि कोथावां के बीडीओ से जानकारी तलब की गई है। अब तक क्या कार्रवाई की गई और वसूली न होने के कारण की जानकारी मांगी गई है।
इन अपात्रों को योजना का दिलाया था लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में विकास खंड कोथावां के झरोइया निवासी बृजकिशोर तिवारी, सीमा पत्नी जितेंद्र सिंह, सुमनदेवी पत्नी राजेश कुमार, विनीता पत्नी आलोक, सुषमा पुत्री सुरेश चंद्र व मुनेंद्र सिंह को अपात्र होने के बाद भी यहां पर तैनात रहे ग्राम पंचायत अधिकारी सतेंद्र वीर सिंह ने लाभांवित करा दिया था।