संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। एक आंगनबाड़ी केंद्र की लागत 7.52 लाख से बढ़कर 11.84 लाख हो गई है। एक केंद्र के निर्माण पर 4.32 लाख की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में यदि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) के जिम्मेदारों ने समय से काम करा दिया होता तो, सरकारी खजाने पर 4.34 करोड़ का बोझ न बढ़ता।
आरईडी की ओर से 101 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की जिम्मेदारी 28 मार्च को सौँपी गई थी। केंद्र निर्माण के लिए 2.02 करोड़ की राशि भी जारी की गई थी। विभाग ने काम कराना तो दूर, प्रक्रिया तक चार माह में पूरी नहीं कर पाई।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों के साथ ही निजी भवन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र के भवनों का निर्माण परिषदीय विद्यालय के परिसर व इसके निकट ही सरकारी भूमि पर कराए जाने की व्यवस्था दी गई है।
बताया गया कि समय से काम न होने और सामग्री की लागत में वृद्धि के चलते केंद्र निर्माण की लागत में भी बढ़ोतरी हो गई है। 7.52 लाख की लागत से बनने वाले एक केंद्र पर 11.84 लाख रुपये खर्च होंगे। ऐसे में 101 केंद्रों की पर ही करीब चार करोड़ 36 लाख 32 हजार की बढ़ोतरी हुई है। डीपीओ मनोज कुमार ने बताया कि केंद्र भवन निर्माण की लागत में वृद्धि का आदेश प्राप्त हो गया है।
पंचायतीराज व मनरेगा अंश में होगी वृद्धि
आंगनबाड़ी केंद्र के भवन की लागत 11.84 लाख होने के बाद भी बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग का अंश दो लाख रुपये ही रहेगा। ऐसे में पंचायतीराज विभाग की ओर से अब 1.06 लाख के स्थान पर दो लाख रुपये और मनरेगा अंश 7.84 लाख रुपये हो गया है।