हरदोई। अधिवक्ताओं के बहिष्कार के बावजूद शनिवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया। दीवानी न्यायालय परिसर में लोक अदालत में तकरीबन ढाई और तीन दशक पुराने मामलों का भी निस्तारण हो गया। खास बात यह है कि इन मामलों में आरोपी को जमानत दाखिल करने और परिवीक्षा अधिकारी अधिकारी की निगरानी में रहने का फैसला सुनाया गया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के कटैया मजरा अखनापुर निवासी इतवारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 20 फरवरी 1993 को छह बजे दिन में गांव के ही शिवराम, गंगादीन, शिवराम ने भाई लक्ष्मण के घर में घुसकर रामबेटी, सत्यप्रकाश से गाली-गलौज और मारपीट की। इसमें लक्ष्मण भी घायल हुआ था। उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। मामले में तीनों आरोपियों को 20-20 हजार रुपये के दो जमानतदार देने के आदेश दिए गए हैं। तीन माह तक परिवीक्षा अधिकारी की निगरानी में रहेंगे। आरोपी ने खुद ही जुर्म इकबाल करते हुए कम से कम सजा सुनाए जाने की गुहार कोर्ट से लगाई थी।
पिहानी कोतवाली क्षेत्र के पुरवा हफीजुद्दीनपुर निवासी राम गुलाम ने 16 जनवरी 1994 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 15 जनवरी की रात करीब एक बजे मूलचंद्र और जगदयाल ने उसके घर में नकब लगाकर छह बोरी धान चोरी कर ले जा रहे थे। टार्च लगाकर देखने पर इसका पता चला था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान जगदयाल की मौत हो गई। मूलचंद्र को 20 हजार रुपये के जमानतदार दाखिल करने को कहा गया है। छह माह तक परिवीक्षा अधिकारी की निगरानी में रहेगा। आरोपी ने खुद ही जुर्म इकबाल करते हुए कम से कम सजा सुनाए जाने की गुहार लगाई थी।