हरदोई। शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बनाई गई रणनीति न सिर्फ कागजी साबित हुई बल्कि यह फाइलों में भी बंद होकर रह गई। शहर में यातायात व्यवस्था में सबसे ज्यादा दिक्कतें बेतरतीब चलने वाले ई-रिक्शा की वजह से होती हैं। ई-रिक्शा संचालन करने के लिए पुलिस ने 21 रूट बनाए थे और इनके लिए आवेदन भी चालकों से मांगे थे, लेकिन सब कुछ फाइलों में ही बंद हो गया।
शहर में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चलते हैंं। इन ई-रिक्शाें के लिए न तो कोई कानून है और न ही नियम। सवारी को बैठाने के चक्कर में बीच सड़क पर ही अचानक ब्रेक मार देते हैं, तो बिना दाएं बाएं देखे ही अचानक ई-रिक्शा मोड़ देते हैं। इसके कारण आए दिन घटनाएं भी होती हैं। इस सबके अलावा शहर में आए दिन जाम भी लगता है। जाम की समस्या लगातार सामने आने पर एसपी केसी गोस्वामी ने कार्य योजना बनाने के निर्देश मातहतों को दिए थे। कार्य योजना बनाई भी गई।
इसके मुताबिक ई-रिक्शों के लिए अलग अलग रूट तय किए गए। चालकों से आवेदन लिए गए कि वह किस रूट पर चलना चाहते हैं। योजना थी कि रूटवार ई-रिक्शा निर्धारित कर दिए जाएं। रूट संख्या और मार्ग का नाम भी लिखने की तैयारी थी, लेकिन हुआ कुछ नही। नतीजा यह कि अब भी आए दिन जाम लगता है। ई-रिक्शा अस्पताल के गेट से लेकर शहर के अलग अलग इलाकों में सड़क पर ही खड़े नजर आते हैं।
शहर में ई-रिक्शा के लिए 21 रूट तय किए गए थे। आवेदन भी मांगे गए थे। आवेदन फीड कराए जाने का काम चल रहा है। जल्द ही संख्या तय कर दी जाएगी। जिस रूट का ई-रिक्शा होगा वह दूसरे रूट पर नहीं जाएगा।
नृपेंद्र कुमार, एएसपी पूर्वी