पिलखुवा। कोतवाली क्षेत्र के गांव खेड़ा में शुक्रवार को एक मकान के लिंटल का मलबा गिरने से महिला की मौत हो गई, जबकि सका पति और ढ़ाई साल की मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। जिन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। मृतका के ससुराल एवं मायके पक्ष के लोगों ने आपसी सहमति से शव का बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव खेड़ा निवासी विनोद कुमार मजदूरी करता है। रोजाना की भांति बृहस्पतिवार की रात वह पत्नी पूनम (36) और ढ़ाई साल की मासूम बच्ची लाडो के साथ कमरे में सोया हुआ था। आधी रात के बाद करीब साढ़े 12 बजे कमरे के लिंटल का प्लास्टर के भरभरा कर नीचे सो रहे दंपती और मासूम के ऊपर गिर गया। हादसे के बाद मौके पर अन्य परिजन एवं ग्रामीण एकत्र हो गए। दंपती और मासूम को लिंटल के मलबे से निकालकर उपचार के लिए हाईवे स्थित रामा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने पूनम को मृत घोषित कर दिया। जबकि पिता और उसकी मासूम को इलाज के लिए भर्ती किया। ग्रामीणों का कहना है कि लिंटल पुराना एवं जर्जर होने के कारण गिर गया है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार का कहना है कि मृतका के ससुराल और मायके पक्ष के लोगों ने लिखित में शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने की मांग की थी। दोनों ने आपसी सहमति से मृतका का अंतिम संस्कार किया। मकान का लिंटल पुराना और जर्जर होने के कारण गिरा है।