गढ़मुक्तेश्वर। बिजनौर बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा नदी उफान पर है। जिसके कारण खादर क्षेत्र के दो प्राथमिक विद्यालयों और मेला मार्ग पर भी पानी भर गया गया है। जलभराव के कारण शिक्षकों ने दोनों स्कूलों को बंद करा दिया। वहीं, उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अन्य विद्यालयों में भेजकर पढ़ाई कराई।
गढ़ शहर से खादर क्षेत्र के गांव रेते वाली मढ़ैया, काकाठेर की मढ़ैया, कल्याण वाली मढैय़ा, कुदैनी की मढैय़ा, चक लठीरा, गड़ावली, रामपुर सिंह की मढ़ैया को जाने वाले मुख्य मेला मार्ग पर करीब तीन फुट पानी है। वहां से पैदल आने जाने वालों की जान मुसीबत में आ गई है। जलस्तर बढऩे के कारण खादर क्षेत्र के गांव कुदैनी की मढ़ैया और काकाठेर की मढ़ैया में स्थित प्राथमिक विद्यालयों में करीब दो फुट पानी भर गया है। जिसके कारण स्कूलों को बंद करा दिया गया। वहीं शिक्षकों ने आसपास के स्कूलों में छात्रों को पढ़ाया। खंड शिक्षा अधिकारी पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि जलभराव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से स्कूलों को बृहस्पतिवार को बंद रखा गया। पानी कम होते ही स्कूलों में कक्षाएं शुरु कर दी जाएंगी।
लोगों का पैदल चलना भी हुआ मुश्किल
खादर क्षेत्र के सैकड़ों लोग रोजाना गढ़ से खरीदारी करने आते-जाते हैं, रास्तों में पानी भरने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कुदैनी की मढैय़ा में स्थित प्राथमिक विद्यालय के हेड मास्टर ने बताया कि विद्यालय में 119 विद्यार्थी हैं। रोजाना करीब 100 विद्यार्थी स्कूल आते हैं। स्कूल में पानी भर जाने के कारण परेशानी बन गई है। इसलिए छात्रों का अवकाश पर भेजकर स्कूल में तैनात शिक्षक पिंकी, बिन्नी यादव के साथ रामपुर न्यामतपुर के स्कूल में छात्रों को पढ़ाया। यही हालात काकाठेर की मढ़ैया में देखने को मिले, इसलिए वहां पर भी बच्चों का अवकाश कर दिया है।
गंगा नदी पर बने पक्का बांध
गंगा नदी पर जब तक पक्का बांध नहीं बनेगा तब तक खादर क्षेत्र लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। शासन प्रशासन भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।- इंद्रजीत सोलंकी, भारतीय किसान संघ, जिलाध्यक्ष
हजारों बीघा फसल डूबी
खादर क्षेत्र के किसानों ने हजारों बीघा भूमि पर धान और गन्ने की फसल की बुवाई की है। गंगा का जल स्तर बढ़ने के कारण फसलें डूब गई है। वहीं कई स्थानों पर फसल बह भी गई है, जिससे किसान परेशान हैं। - सोनू चौहान, किसान
पशुओं के लिए चारे का संकट
खादर क्षेत्र के जंगल और खेतों में पानी पहुंच गया है। जिससे पशुओं के लिए होने वाले चारे की समस्या बन गई है। खेतों में पानी होने के कारण चारा की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। दूध की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। - फतेह सिंह, पशु पालक