गढ़मुक्तेश्वर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के जंगल के अलावा गांवों के रास्तों पर पानी भरना शुरू हो गया है। बाढ़ के दौरान अपने घरों को छोड़कर शरणार्थी शिविरों में जाने की आशंका से ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश और बिजनौर बैराज से अतिरिक्त जल छोड़े जाने के कारण गढ़-ब्रजघाट में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मंगलवार से बुधवार शाम तक गंगा का जलस्तर एक फुट से अधिक बढ़ा है। गंगा में उफान से खादर क्षेत्र के गांव कुदैनी की मढैय़ा, नयागांव इनायतपुर के घेर, भगवतंपुर, लठीरा, नयाबांस, गड़ावली समेत आधा दर्जन से अधिक गांव पानी से घिर चुके हैं। जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ती जा रही है।
और बढ़ सकता है जलस्तर
बाढ़ नियंत्रण कक्ष मेरठ के अनुसार जहां सोमवार को ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर येलो अलर्ट को पार करते हुए 198.82 मीटर (समुद्र तल से) के निशान पर पहुंच गया था, वहीं मंगलवार को जलस्तर 13 सेंटीमीटर और बढ़ गया, जो शाम तक 198.95 मीटर तक जा पहुंचा। 199 मीटर पर पहुंचते ही अलर्ट और 199.34 मीटर पर रेड अलर्ट घोषित कर दिया जाता है। बिजनौर बैराज से बुधवार को एक लाख 85 हजार 668 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके बृहस्पतिवार को क्षेत्र में पहुंचने पर जलस्तर और बढ़ेगा।
चारे का गहराया गहराया, आवागमन में हो रही परेशानी
खेतों में पानी भरने से खादर क्षेत्र के लोगों को पशुओं के लिए चारा लाना परेशानी बनी हुई है। जलभराव के बीच जान जोखिम में डालकर पशुओं के लिए ग्रामीण चारा ला रहे हैं। वहीं सबसे अधिक परेशानी गंगा टापू पर बसे गंगा नगर, इनायतपुर के घेर के लोगों को उठानी पड़ रही है। रास्तों पर जलभराव से छात्रों को दो से तीन फिट पानी में होकर गुजरना पड़ा।
डीएम, एसडीएम ने किया निरीक्षण
डीएम प्रेरणा शर्मा, एसडीएम अंकित कुमार वर्मा ने बुधवार की शाम खादर क्षेत्र के बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा कर निरीक्षण किया। उन्होंने तहसील और ब्लॉक कर्मियों को गांवों में नावों की व्यवस्था कराने के साथ ही बाढ़ चौकियों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है। एसडीएम अंकित कुमार वर्मा का कहना है कि बाढ़ चौकी पूरी तरह सतर्क हैं, हर घंटे पर जलस्तर की सूचना तहसील मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम को दी जा रही है।