हापुड़। भाकियू अराजनैतिक के आह्वान पर लखनऊ में मुख्यमंत्री के समक्ष हापुड़ का बिजली नलकूप बिल घोटाला का मुद्दा उठा। संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ ही जिलाध्यक्ष पवन हूण ने गन्ना भुगतान और गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ सर्विस रोड की भी मांग रखी।
लखनऊ में भाकियू की महापंचायत के बाद मुख्यमंत्री के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई। इसमें जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि हापुड़ में करीब 20 साल पहले नलकूप बिल घोटाला हुआ। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने किसानों से पैसे लेकर उन्हें फर्जी रसीदें थमा दी, 600 करोड़ के घोटाले की राशि अब किसानों के खातों में जोड़ दी गई है, जिस कारण किसान बिना वजह लाखों के बकायेदार बनाए हुए हैं। मेरठ से शुरू हुए गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर सर्विस रोड नहीं बनने से क्षेत्र का विकास पिछड़ रहा है। सर्विस रोड बनने से हाईवे किनारे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। जिले की दोनों चीनी मिलें किसानों को भुगतान नहीं कर रही हैं, अभी भी पिछले सत्र का 300 करोड़ के करीब बकाया है।
सामान्य योजना के तहत नलकूप कनेक्शन की किसानों से रसीदें कटवा ली गई। लेकिन अब योजना बंद होने की बात कह अधिकारी कनेक्शन नहीं दे रहे हैं। किसानों पर पूरा पैसा जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। निराश्रित पशु फसलों को नष्ट कर रहे हैं। गोसंरक्षण केंद्रों को भरण पोषण का पर्याप्त पैसा भी नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इस मौके राधेलाल त्यागी, राजेंद्र डागर, रवि भाटी, लीले मास्टर, बब्लू प्रधान, जोगेंद्र मावी, रूपराम सिंह, अनिल हूण, जितेंद्र नागर, मोनू त्यागी, नरेश नागर, सुरेंद्र चौहान, कटार सिंह, जयकरण बंसल, तेजेंद्र शर्मा, योगेंद्र शर्मा, राजपाल सिंह, भगत सिंह, मनोज, राजेंद्र मौजूद रहे।