हापुड़। मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए बने रेलवे फ्रेट कॉरिडोर पर मालगाड़ियों का ट्रायल पूरा हो गया है। अब मार्च के पहले सप्ताह में ही इस ट्रैक पर मालगाड़ियों का संचालन नियमित रूप से शुरू किए जाने की तैयारी शुरू की जा रही है। इसके लिए अधिकारियों द्वारा ट्रैक का अंतिम रूप से निरीक्षण किया जा रहा है और बाकी बची छोटी-मोटी कमियों को दूर किया जा रहा है।
एलएंडटी कंपनी द्वारा खुर्जा से सहारनपुर के पिलखनी तक 225 किलोमीटर में कार्य किया जा रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के दो भाग हैं। पहला भाग वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जो कि दादरी से मुंबई के बंदरगाह तक बन रहा है। वहीं दूसरा भाग है ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जोकि लुधियाना से कोलकाता के डालकुनी तक बन रहा है। अब खुर्जा से सहारनपुर से पिलखनी तक रेलवे ट्रेक का कार्य पूरा हो चुका है।
मालगाड़ियों के संचालन की तैयारियों में जुटी निर्माण कंपनी
शुरूआत में ट्रैक का हापुड़ में पिछले वर्ष नवंबर में ट्रायल होना था। बारिश और दूसरी बाधाओं को देखते हुए थोड़ा कार्य पिछड़ गया। इसके बाद वर्ष 2023 मार्च में इसका ट्रायल शुरू किया गया। इसके बाद से लगातार संंबंधित विभाग इसका निरीक्षण करते रहे। रेलवे के प्रबंध निदेशक आरके जैन व प्रोजेक्ट प्लानिंग डायरेक्टर पंकज सक्सेना ने भी बीच बीच में इसके निरीक्षण किए। पिछले कुछ महीनों में इस ट्रेक पर फुल लोड के साथ ट्रायल हुए हैं। लेकिन अब यह पूरी तरह से मालगाड़ियों के संचालन के लिए तैयार है।
अन्य रूटों पर भी यातायात होगा सुगम -
फ्रेट कॉरिडोर पर मालगाड़ियों का संचालन शुरू होने के बाद दूसरे सामान्य रूटों पर भी यात्री ट्रेनों का संचालन सुगम हो जाएगा। अधिकारियों की माने तो इस ट्रेक का संचालन शुरू होने पर अन्य रूटों पर मालगाड़ियों का संचालन 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। ऐसे में यात्री ट्रेनों की औसत रफ्तार बढ़ जाएगी और यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा।
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अधिकतर कार्य पूरे, मार्च में होगा संचालन शुरू पिलखनी तक फ्रेट कॉरिडोर का सभी कार्य पूरा हो गया है। पिछले कुछ माह से लगातार ट्रायल हो रहे थे। जर्मनी और फ्रांस से आई टीमों द्वारा पूर्व में निरीक्षण कर इस ट्रैक को हरी झंडी दी जा चुकी है। मार्च में संचालन की तैयारी की जा रही है। - गुरविंदर सिंह, प्रबंधक, एलएंडटी।
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