हापुड़। पुलिस के लाठी चार्ज के विरोध में लगभग एक महीने से चली आ रही अधिवक्ताओं की हड़ताल 15 अक्तूबर तक के लिए स्थगित कर दी गई।महासम्मेलन के बाद शुक्रवार शाम को अधिवक्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल स्थगित करने की सहमति बन गई। अवकाश के बाद मंगलवार से अधिवक्ता कार्य पर लौट आएंगे।इससे पहले सुबह हुए अधिवक्ताओं के महासम्मेलन में पहुंचे प्रदेशभर के अधिवक्ताओं ने हड़ताल जारी रखने का एलान करते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी थी।
सुबह 11 बजे फ्रीगंज रोड पर आयोजित महासम्मेलन में प्रदेशभर के अधिवक्ता पहुंचे थे। थोड़ी देर में ही पंडाल खचाखच भर गया। महासम्मेलन में पांच हजार से अधिक अधिवक्ताओं ने भाग लिया। इसके बाद विभिन्न जिलों से आए बार के पदाधिकारियों ने संबोधित किया। कानपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नरेश चंद त्रिपाठी ने मंच से छह अक्तूबर को विधानसभा घेराव की घोषणा कर दी। बाद में हापुड़ बार के अध्यक्ष ऐनुल हक ने मांगों को पूरा करने के लिए शासन प्रशासन को दो अक्तूबर तक का समय देने का प्रस्ताव रखा। तब तक हापुड़ समेत प्रदेश के अन्य जिलों में हड़ताल जारी रहेगी। मांगें पूरी नहीं होने पर तीन अक्तूबर को बैठककर विधानसभा घेराव का निर्णय लिया जाएगा। इस प्रस्ताव का सभी ने समर्थन किया। लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश पांडेय ने कहा कि हापुड़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता आंदोलन को लेकर जो निर्णय लेंगे, लखनऊ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता उसका स्वागत करेंगे। विधानसभा घेराव में भी लखनऊ के अधिवक्ता किसी भी तरह से पीछे नहीं रहेंगे।
शाम को हुई महत्वपूर्ण बैठक में बनी बात
अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच सुलह की पटकथा बृहस्पतिवार रात को ही लिखी गई थी। इस पर अमली जामा शुक्रवार शाम पहनाया गया। एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देश पर एएसपी राजकुमार अग्रवाल व सीओ सदर स्तुति सिंह कचहरी पहुंचीं और बार के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने अधिवक्ताओं की मांगें मानते हुए लाठीचार्ज के सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को जिले से बाहर स्थानांतरण का आश्वासन दिया। बार एसोसिएशन के सचिव नरेंद्र शर्मा ने बताया कि पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर हापुड़ बार ने 15 अक्तूबर तक हड़ताल समाप्ति की घोषणा की है। इस अवधि में कार्रवाई नहीं होती है तो 16 अक्तूबर से एक बार फिर अधिवक्ता हड़ताल पर चले जाएंगे। छुट्टी के बाद मंगलवार को अधिवक्ता काम पर लौटेंगे।
नारेबाजी करते हुए महासम्मेलन में पहुंचे अधिवक्ता
महासम्मेलन में अधिकांश जनपदों के अधिवक्ता हाथों में तिरंगा लेकर नारेबाजी करते हुए पहुंचे। पुलिस के खिलाफ व अधिवक्ता एकता के नारे लगाए जा रहे थे। इस दौरान कुछ देर के लिए अधिवक्ताओं ने तहसील पर भी प्रदर्शन किया।