गढ़ नगर में श्रीमद्भागवत कथा सुनते भक्त। संवाद
गढ़मुक्तेश्वर। मोहल्ला राजीव नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के तीसरे दिन वृदांवन से पधारे व्यास बालयोगी पचौरी महाराज ने श्रद्धालुओं को भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि सरल और निश्चल ह्दय से की गई भक्ति प्रभु प्राप्ति का मार्ग है। व्यास ने कहा कि प्रथम बार राजा परीक्षित ने शुकदेव से कथा का श्रवण किया था। परीक्षित शब्द के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जो भी जीव हैं, वह सभी परीक्षित हैं। क्योंकि, परीक्षित का अर्थ है, जो दूसरों से रक्षित होता है। प्रत्येक जीव किसी न किसी रूप से एक-दूसरे पर आश्रित है। इसलिए हम सभी को परीक्षित कहा जा सकता है। इसके उपरांत व्यास ने भक्त प्रहलाद, ध्रुव की कथा का भक्तों को रसपान कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक सनातनी को अपने बच्चों को धर्म ग्रंथों, वेदों और पुराणों का अध्ययन कराना चाहिए। इसके अलावा बाल्यवस्था से ही उनमें संस्कार के बीज रोपण करने चाहिए ताकि आने वाले समय में वह परिवार, समाज और देश के लिए उत्कृष्ट नागरिक बन सकें। इस दौरान कमलेश देवी, गोकल सिंघल, तनुज सिंघल, दुर्गेश सिंघल, अर्पित, रितेश, हर्ष आदि मौजूद रहे।