हरियाणा के दुवलधन थाना बेरी जिला झज्जर निवासी मनींदर ने बताया कि उसके पिता कप्तान सिंह का ट्रांसपोर्ट का कारोबार है। बुधवार को पिता चालक कर्नाटक से कच्चा नारियल भरकर मुरादाबाद के लिए जा रहे थे। पिलखुवा फ्लाई ओवर के ऊपर ट्रक पंचर हो गया। जिसके बाद पीछे से आई एक रोडवेज बस की ट्रक से टक्कर हो गई। पिलखुवा की मारवाड़ चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने ट्रक को चौकी पर लाकर खड़ा कर लिया।
ट्रक छोड़ने के ऐवज में मांगे एक लाख रुपये
आरोप है कि मारवाड़ चौकी पर तैनात कांस्टेबल गौरव और यशवीर ने क्षतिग्रस्त ट्रक से नारियल दूसरे ट्रक में पलटी कराने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। ट्रक मालिक ने बताया कि ट्रक में लाखों रुपये का माल था, जो चार पांच दिन देर होने पर खराब हो जाता। इसी का हवाला देते हुए पुलिसकर्मियों ने उससे रिश्वत मांगनी शुरू कर दी। बाद में 25 हजार रुपये देने तय हुए।
ट्रक मालिक के पुत्र ने एसपी को किया फोन
पुलिसकर्मियों के रिश्वत मांगने पर ट्रक मालिक के पुत्र मनींदर ने पुलिसकर्मियों से फोन पर बात की। उसके बाद मामला 25000 में तय हुआ। मनींदर ने बुधवार रात करीब 10.30 बजे एसपी अभिषेक वर्मा को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। जिसके बाद एसपी ने पुलिसकर्मियों को रंगे हाथों दबोचने का प्लान तैयार किया।
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि करीब 12.30 बजे वे सादे कपड़ों में निजी कार से मारवाड़ पुलिस चौकी पहुंचे। यहां चौकी से कुछ दूर उन्होंने पहले ही मनींदर व उसके साथ मौजूद लोगों को चौकी पहुंचकर रुपये देने के लिए कहा। इन लोगों के साथ एसपी भी चौकी पहुंच गए। जहां दोनों पुलिसकर्मी मौजूद थे। दोनों ने 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। जिसके बाद उन्हें नौ हजार रुपये दे दिए गए बाकी के कुछ देर बाद देने की बात कही।
बड़ी बात यह रही कि एसपी को पुलिसकर्मी पहचान ही नहीं पाए और उनके सामने ही रिश्वत की डील हुई। इसके बाद उनके सामने ही दोनों पुलिसकर्मियों ने नौ हजार रुपये भी थाम लिए। घटना से गुस्साए एसपी ने तुरंत पिलखुवा कोतवाल नीरज कुमार को मौके पर बुलाया और दोनों पुलिसकर्मियों को हिरासत में लेने के निर्देश दिए। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सुबह जेल भेज दिया गया।