गढ़मुक्तेश्वर। स्याना रोड पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने ऑटो में टक्कर मार दी, जिसमें सवार मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एक परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। समय से एंबुलेंस नहीं पहुंची तो स्थानीय लोगों ने निजी वाहनों को रोककर घायलों को सीएचसी भेजा।
बहादुरगढ़ निवासी हनीफ ने बताया कि उसकी पत्नी परवीन (40) अपनी बेटी मायरा (8), शिफा, नाबिया को उसकी बहन के घर गढ़ के मोहल्ला आदर्श नगर में आयोजित कार्यक्रम में लेकर गई थी। शाम को गढ़ से ऑटो में सवार होकर बहादुरगढ़ अपने घर लौट रही थी। वहीं इसी ऑटो में बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव सेहल निवासी राहुल, बंटी, राजेंद्र और सुशील गढ़ में राज मिस्त्री का कार्य कर लौट रहे थे। ऑटो में सवार राहुल ने बताया कि ऑटो जैसे ही स्याना रोड पर गढ़ क्षेत्र में स्थित वेदांत कॉलेज के सामने पहुंचा तो सामने से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। जिसमें सवार महिला परवीन और बेटी मायरा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चारों राज मिस्त्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयंकर था कि ऑटो में सवार राज मिस्त्री बंटी का हाथ कट गया। गनीमत रही कि परवीन की दो बेटी शिफा और नाबिया सुरक्षित हैं, जिनको कोई चोट नहीं लगी। सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस ने परवीन और उसकी बेटी मायरा को सीएचसी भेजा, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर सोमवीर सिंह का कहना है कि चिकित्सकों ने घायलों को मेरठ के लिए रेफर किया है। वहीं दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं आरोपी वाहन चालक की तलाश कराई जा रही है।
तड़पते रहे मरीज, समय से नहीं पहुंची एंबुलेंस
हादसा होने के बाद डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। जिन्होंने अपनी कार में मां-बेटी को अस्पताल पहुंचा दिया था। इसके अलावा अन्य गंभीर घायल लोग सड़क किनारे तड़प रहे थे। परवेज, अनुज, अशरफ ने एक गाड़ी को रोका और अस्पताल में घायलों को भेज दिया।
नाबालिग दौड़ा रहे ऑटो, एआरटीओ नहीं करते कार्रवाई
तीन वर्ष पहले मेरठ रोड पर भी ऑटो में सवार सात लोगों की बस की टक्कर लगने से मौत हो गई थी। इसके अलावा भी कई हादसे हो चुके हैं। लेकिन एआरटीओ द्वारा बेलगाम ऑटो पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं।