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Hapur News: हापुड़ में हो रही भ्रूण हत्या, 25 गर्भपात का नहीं मिला रिकॉर्ड

Thu, 08 Jun 2023 10:10 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। सीएमओ कार्यालय को भेजी गई मासिक रिपोर्ट में 25 गर्भपात का रिकॉर्ड अस्पताल के रजिस्टरों में नहीं मिल सका है। ऐसे में लिंग परीक्षण कर भ्रूण हत्या की भी आशंका है। जांच कमेटी ने यह रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी है, शुक्रवार को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जा सकती है।
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ड्रग वेयर सेंटर से हापुड़ के अस्पताल को करीब 6 हजार मिसोप्रोस्टोल (गर्भपात की गोली) दी गई थी। प्राथमिक जांच में इस दवा के बंदरबांट की बात सामने आई थी। बिना स्वीकृति यह दवाएं दूसरे अस्पतालों को भेजे जाने के आरोप प्रत्यारोप लगे थे। बहरहाल, इंडेंट पर हस्ताक्षर को लेकर जांच टिकी है।
इसी बीच सीएमओ कार्यालय को मासिक गर्भपात रिपोर्ट भेजी गई हैं। इनकी गहनता से जांच पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मासिक रिपोर्ट में भेजे गए 25 गर्भपात का कोई रिकॉर्ड सरकारी दस्तावेजों में नहीं मिल सका है। जांच कमेटी ने इस विषय पर दो दिन तक गहनता से जांच की, जिसमें बड़ी गड़बड़ी पकड़ में आई है।
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सीएमओ कार्यालय में बृहस्पतिवार को इस मुद्दे पर चर्चा हुई। जिसमें अंदेशा यह भी जताया गया कि इस तरह के गर्भपात लिंग परीक्षण के बाद ही किए गए हैं। क्योंकि गर्भपात कराने का स्थान अस्पताल ही होता है। जबकि रिकॉर्ड में इसका कोई उल्लेख ही नहीं है। इस मामले में एफआईआर की तैयारी है, संभवत शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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इंडेंट पर हस्ताक्षर भी खोलेगा राज
गर्भपात की गोलियां बेहद महंगी होती हैं, जबकि शहर के गली, मोहल्लों में इनकी डिमांड भी खूब रहती है। ड्रग वेयर सेंटर से दवा किसने रिसीव की और इंडेंट और रजिस्टर पर हस्ताक्षर किसके दर्ज हैं यह भी जांच में कई बड़े राज खोलेगा।

नालियों में मिल चुके हैं भ्रूण
इस साल भी नालों और नालियों में भ्रूण मिलने के मामले सामने आए हैं। हालांकि यह अपराध किसने किया और कहां किया गया इसका खुलासा आज तक नहीं हो सका है।

लिंग परीक्षण के खेल में भी आ चुका है स्वास्थ्य कर्मियों का नाम
लिंग परीक्षण के खेल में भी हापुड़ की स्वास्थ्य कर्मियों का नाम कई बार आया है। गुलावठी में पकड़े गए लिंग परीक्षण के धंधे में एक महिला स्वास्थ्य कर्मी का नाम आया था। ऐसे ही कर्मचारी सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बरगलाते हैं।

कोट -
जांच के दौरान 25 गर्भपात का रिकॉर्ड नहीं मिल सका है। कमेटी की जांच में भी यह मामला सामने आया है। इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। - डॉ. सुनील त्यागी, सीएमओ।
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