गढ़मुक्तेश्वर। 21 फरवरी को कोतवाली प्रभारी द्वारा न्यायालय में अभद्र व्यवहार और कार्य में अवरोध उत्पन्न करने के विरोध में बृहस्पतिवार को दोनों बार के अधिवक्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर कार्य बहिष्कार किया और कोतवाल का पुतला फूंक नारेबाजी की और निलंबन की कार्रवाई की मांग की। शुक्रवार को भी अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे। कार्य बहिष्कार को हापुड़ और धौलाना बार का भी समर्थन मिला है।
बार एसोसिएशन गढ़मुक्तेश्वर के अध्यक्ष ओमपाल मावी और गढ़ बार एसोसिएशन गढ़मुक्तेश्वर के अध्यक्ष चौधरी खालिद के नेतृत्व में अधिवक्ता दूसरे दिन भी न्यायिक कार्यों से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार की सुबह करीब 11 बजे कचहरी के बाहर कोतवाली प्रभारी का पुतला फूंका गया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने गढ़ पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कोतवाल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस को हमेशा न्यायालय में अच्छा व्यवहार करना चाहिए, लेकिन 21 फरवरी को गढ़ कोतवाली प्रभारी ने न्यायालय में गलत आचरण किया और न्यायिक कार्य में बाधा उत्पन्न की। पवन कंसल ने बताया कि इस संबंध में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भी गढ़ न्यायालय की अवमानना के संबंध में पत्र भेजा गया है। सचिव हिमांशु त्यागी ने बताया कि शुक्रवार को अधिवक्ता काम नहीं करेंगे। वहीं, दोनों बार के पदाधिकारियों के निर्देश पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इस मौके पर अधिवक्ता सुबोध त्यागी, बलराज त्यागी, कलीम अहमद, इंतजार अहमद, मोहित गुप्ता, सत्य प्रकाश चौहान, सचिन शर्मा, सुहैल आलाम, अंकित चौहान, हेमंत गौड़, पीयूष गोयल, मनोज गोयल, हरिशंकर राणा, राजकुमार प्रजापति, विकास भारद्वाज, दिनेश राणा, आफताब आलम, राजवीर राणा, नैनपाल सिंह, संदीप निषाद आदि मौजूद रहे।