हापुड़। भीमनगर की अरबन पीएचसी में गर्भपात के मामले में जांच कमेटी ने 15 महिलाओं के बयान दर्ज कराए हैं। टीम के अनुसार 13 गर्भपात कराने वाली महिलाओं ने कबूला है कि उन्होंने गर्भपात अस्पताल में नहीं कराया, लेकिन दवा यहीं से दी गई। दस महिलाओं से जुड़े दस्तावेज फिलहाल नहीं मिले, बुधवार को इन महिलाओं के भी बयान दर्ज होंगे।
सरकारी दवाओं का प्रयोग कर गलत तरीके से गर्भपात के मामले में जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। आशाओं के बयान पहले ही दर्ज कराए जा चुके हैं। रिकॉर्ड में 25 महिलाओं के गर्भपात से जुड़ा मामला संदिग्ध बताया गया था। जिसकी जांच चल रही है।
इन 25 महिलाओं में 15 का रिकॉर्ड मिला है, जिन्हें बुधवार को सीएमओ कार्यालय बुलाया गया। जांच टीम ने दावा किया है कि 13 महिलाओं ने स्पष्ट कहा है कि उन्होंने सरकारी अस्पताल में गर्भपात नहीं कराया। उन्हें यहां से सिर्फ दवा दी गई, ओपीडी रजिस्टर में भी इन महिलाओं का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
जांच टीम ने बताया कि दस अन्य महिलाओं के ओपीडी का रिकॉर्ड खंगाला गया है, बृहस्पतिवार को इन महिलाओं को भी सीएमओ कार्यालय बुलाकर बयान लिए जाएंगे। जिसके बाद पूरे प्रकरण की रिपोर्ट सोमवार को डीएम और एडी को सौंपी जाएगी।
-यह है मामला-
सीएमओ कार्यालय में मासिक गर्भपात की रिपोर्ट भेजी गई थी। इसमें 25 मामले संदिग्ध मिले थे, सीएमओ कार्यालय से भीमनगर की अरबन पीएचसी की पूर्व प्रभारी डॉ.खुशबू पर आरोप लगा कि उन्होंने अस्पताल के संसाधनों का गलत फायदा उठाकर बाहर गर्भपात कराएं हैं। इस मामले की जांच चल रही है, जबकि एक महीने पहले डॉ.खुशबू त्याग पत्र दे चुकी थी, जिसे पांच जून को स्वीकार भी कर लिया गया। डॉ.खुशबू ने भी डीएम कार्यालय में पत्र देकर जांच टीम पर आरोप लगाए हैं कि उनका पक्ष सुने बिना ही गलत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
गर्भपात के मामले में जांच चल रही है, संभवत सोमवार को इसकी फाइनल रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाएगी। इस मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। - डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।