संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। बाजार में लोगों को महंगी मिलने वाली सब्जियों का मूल्य किसानों को बेहद कम मिल पा रहा है। मंडी से बाहर निकलते ही सब्जियों के दाम दोगुने हो जाते हैं।
नगर की सब्जी एवं फल मंडी में सब्जियों के दामों में करीब दोगुने का अंतर है। मंडी के थोक बाजार में जहां टमाटर 10-12 रुपये किलो बिक रहा है, वहीं, प्याज 20 तो आलू महज 15 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इस पर आढ़त खर्च और पल्लेदारी का खर्च और देना पड़ता है। बीते दिनों लोगों को सब्जी खरीदने में आमजन की जेब ढीली हो रही थी। सब्जियां महंगी होने की चर्चा घर की रसोई से लेकर बाजार तक अक्सर हो रही थी। फुटकर बाजार और गलियों में अब भी सब्जियां महंगी बिक रहीं हैं। इसकी पड़ताल करने के लिए टीम नवीन सब्जी एवं फल मंडी पहुंची, तो सब्जियों की महंगाई की हकीकत का पता चला। सब्जियों की थोक और फुटकर कीमतों के बीच काफी अंतर नजर आया।
सब्जी- थोक के रेट - फुटकर के रेट
आलू- 15 रुपये किलो - 25 रुपये किलो
टमाटर- 6 रुपये किलो - 15 रुपये किलो
प्याज-20 रुपये किलो - 30 रुपये किलो
फूल गोभी- 15 रुपये किलो - 25 रुपये किलो
हरी मिर्च- 20 रुपये किलो - 35 रुपये किलो
शिमला मिर्च- 10 रुपये किलो- 20 रुपये किलो
घीया- 2 रुपये किलो - 8 रुपये किलो
बैंगन- 8 रुपये किलो - 15 रुपये किलो
अदरक- 150 रुपये किलो- 200 रुपये किलो
खीरा- 10 रुपये किलो- 15 रुपये किलो
लहसुन- 100 रुपये किलो- 150 रुपये किलो
करेला- 20 रुपये किलो- 30 रुपये किलो
भिंडी- 20 रुपये किलो- 40 रुपये किलो