- कार से पुलिस के पीछे चल रहीं चेतन प्रकाश की पत्नी और भतीजे की हादसे में हुई मौत
- ब्रजघाट पर अंतिम संस्कार के समय परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। मेरठ के टीपीनगर से कारोबारी चेतन प्रकाश को हिरासत में लेने के मामले में पुलिस की गर्दन फंसती हुई दिख रही है। न्यायालय से प्रमोद गर्ग के खिलाफ गैर जमानती वारंट था, जबकि बृहस्पतिवार को वादी के निजी कार से पहुंची पुलिस प्रमोद के भाई चेतन प्रकाश को पकड़कर ला रही थी। इस दौरान पुलिस का पीछा कर रहीं चेतन की पत्नी चित्रा और उनके भतीजे मोहित की हादसे में मौत हो गई। हादसे के बाद मामला तूल पकड़ गया है। दोनों मृतकों के अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस अफसर अब गर्दन बचाने में जुटे हुए हैं।
बुलंदशहर निवासी डाॅ. संजीव अग्रवाल ने 29 मार्च 2019 को मेरठ के टीपी नगर निवासी प्रमोद गर्ग, प्रवीण गर्ग, हरीश गर्ग और चेतन प्रकाश के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर थाने में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि चारों भाइयों ने उनसे 1.15 करोड़ रुपये पब्लिकेशन व प्रिंटिंग के कारोबार के खातिर लिए थे। काम शुरू न होने पर रुपये वापस मांगे गए तो फर्जी चेक दे दिए। हाईकोर्ट के आदेश पर यह मामला सूरजपुर अदालत से हापुड़ की अदालत में ट्रांसफर हो गया था। मामले में हाल ही में हापुड़ की अदालत ने ने प्रमोद गर्ग के खिलाफ गैर जमानती और चेतन प्रकाश, प्रवीण गर्ग, हरीश गर्ग के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए थे। इसी के बाद हापुड़ पुलिस वारंटी को गिरफ्तार करने मेरठ गई थी। हापुड़ पुलिस ने प्रमोद गर्ग के बजाय उनके भाई चेतन प्रकाश को घर से उठाकर ला रही थी। कार से पुलिस का पीछा कर रहे चेतन प्रकाश की पत्नी चित्रा और भतीजे मोहित हादसे का शिकार हो गए और उनकी मौत हो गई थी।
टीम को अभयदान देने में जुटे हापुड़ के अधिकारी
हापुड़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मेरठ गई टीम को अभयदान देने में लगे हैं। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। शाम तक अधिकारी सभी का बचाव करते नजर आए। हापुड़ एसपी अभिषेक वर्मा का कहना है कि हापुड़ पुलिस ने चेतन प्रकाश के घर पर दबिश दी थी। चेतन प्रकाश को केवल प्रमोद गर्ग का पता बताने के लिए हिरासत में लिया था, इसके बाद उन्हें टीपी नगर थाने में सुपुर्द कर पुलिस लौट आई थी।
सफेदपोश के इशारे पर कार्रवाई की चर्चा
हापुड़ पुलिस पर आखिर ऐसा क्या दबाव था कि वह वादी की निजी कार से मेरठ दबिश देने पहुंच गई। चर्चा है कि बड़ी पहुंच रखने वाले सफेदपोश ने पुलिस पर कार्रवाई करने का दबाव बनाया था। इसी दबाव पर पुलिस ने भारी भरकम फौज के साथ दबिश देकर गिरफ्तार करने का प्रयास किया।
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बिलखते हुए बोले चेतन प्रकाश, पुलिस बना रही थी अनावश्यक दबाव
गढ़मुक्तेश्वर। मोहित और चित्रा गर्ग का शुक्रवार दोपहर ब्रजघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान चेतन प्रकाश गर्ग व अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। चेतन प्रकाश ने बिलखते हुए कहा कि हापुड़ पुलिस वादी के साथ मिलकर अनावश्यक दबाव बना रही थी। वादी की कार से ही पुलिस के जवान पहुंचे थे। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान एएसपी मुकेश चंद मिश्रा समेत तीन थानों की पुलिस मौजूद रही। संवाद