फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hapur News: बर्फी और गुझिया का मावा खराब, पिज्जा हट की सॉस भी फेल

Wed, 31 May 2023 10:12 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। जिले की दुकानों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल खत्म नहीं हो रहा है। नामचीन दुकानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने भी फेल आ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दो माह में लिए गए कुल 82 नमूनों में 35 नमूने किसी न किसी स्तर पर फेल हो गए हैं। इसके अलावा तीन मामलों में एडीएम कोर्ट ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन

मिलावट खोरों पर लगाम लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने जिलेभर में अप्रैल और मई माह में कुल 82 नमूने लिए थे। लैब की जांच रिपोर्ट में करीब 40 फीसदी नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। 82 में 35 नमूने फेल पाए गए। इनमें सबसे अधिक 20 नमूने अधोमानक मिले। जबकि छह नमूने असुरक्षित पाए गए। इन खाद्य वस्तुओं में खतरनाक रंगों का इस्तेमाल किया गया था। जबकि आठ नमूने मित्यछाप पाए गए।
बड़ी बात है कि हापुड़ के पिज्जा हट से लिए गए सॉस का नमूना मिथ्या ब्रांड और अधोमानक मिला है। गालंद स्थित हैंड ऑन ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड वेयरहाउस से लिए गए गुलाब फलहारी मिक्सचर, मूंगफली पट्टी, सॉस और नमकीन के लिए चार नमूने मिथ्याछाप आए हैं।
विज्ञापन

एडीएम संदीप कुमार ने जांच में फेल मिले खाद्य पदार्थों के मुकदमों की सुनवाई करते हुए तीन विक्रेताओं पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इनमें कुचेसर चौपला निवासी दीपक कुमार का दही का नमूना फेल होने पर 10 हजार, गढ़मुक्तेश्वर निवासी आयूष गोयल के कूट्टू के आटे का नमूना फेल होने पर 30 हजार रुपये व बाबूगढ़ निवासी हाकमीन के गेहूं के आटे का नमूना फेल होने पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

असुरक्षित नमूनों में मिलाए जा रहे थे खतरनाक रंग
जो नमूने असुरक्षित पाए गए हैं उनमें बेसन, कुट्टू का आटा, बर्फी, केस, दाल, पनीर, खोया, फ्लेवर दूध, तेल, मिर्च, हल्दी और मिठाइयां शामिल हैं। हल्दी में चॉक पाउडर, बर्फी में चांदी के वर्क और ख्रराब मावा की जगह एल्युमिनियम का वर्क मिला है। लाल मिर्च में गेरू और लाल मिट्टी पाई गई। धनिये में बुरादा पाया गया। मिल्क केक और मिल्क खोया भी अधोमानक निकले। दुकानों पर सरसों का तेल भी मिलावटी पाया गया है। इसमें पॉम आयल मिलाया गया था।
आजीवन कारावास की सकती है सजा
सहायक आयुक्त नरेंद्र श्रीवास्तव द्वितीय ने बताया कि सेंपल फेल होने पर अगर इसकी रिपोर्ट में असुरक्षित लिखा आता है तो यह मामला सीधे न्यायालय में चलता है। इसमें जुर्माने के साथ-साथ उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। वहीं अमानक में 5 लाख का जुर्माना और मिथ्याछाप में 3 लाख का जुर्माने का प्रावधान कानून में हैं। इनकी सुनवाई एडीएम कोर्ट में होती है।

होती है गंभीर समस्या -
फिजीशियन डॉ. पराग शर्मा ने बताया कि लंबे समय तक मिलावटी सामग्री खाने से कई तरह की समस्याएं पैदा हो जाती हैं। सिंथेटिक और केमिकल रंग के सेवन से आंत्रशोध, अल्सर, त्वचा रोग बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। इससे किडनी और लीवर को भी नुकसान पहुंचाता है। लंबे समय तक इनका सेवन पूरे परिवार के लिए खतरनाक होगा। ऐसे में खाद्य पदार्थों के सेवन में सावधानी बरती जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें