हापुड़। हापुड़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक रविवार को कार्यालय पर हुई। इसमें दवा विक्रेताओं को औषधि लाइसेंस रिटेंसन/नवीनीकरण कराने में आ रही दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश के महासचिव सुरेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा है। अध्यक्ष दिनेश त्यागी ने कहा कि औषधि लाइसेंस का पांच वर्षों के लिए रिटेंसन/नवीनीकरण होता है, जो औषधि कानून के अंतर्गत लाइसेंस धारक द्वारा लाइसेंस अवधि समाप्त होने से पूर्व रिटेंसन शुल्क जमा कराने पर स्वत: हो जाता था, लेकिन अब उसे करने में पुन: सभी दस्तावेजों को लेकर अधिकारियों की इच्छा पर किया जा रहा है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि औषधि लाइसेंस का संरक्षण यदि सभी शर्तें पूर्ण हैं तो स्वचालित प्रक्रिया द्वारा संपन्न होने के स्थान पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि अधिकारियों की इच्छानुसार चयनात्मक रूप से किया जा रहा है।