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Hapur News: क्रीड़ा शुल्क व्यय में अनियमितता पर एसएसवी कॉलेज को नोटिस

Tue, 06 Feb 2024 10:36 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। दिल्ली रोड स्थित एसएसवी पीजी कॉलेज में क्रीड़ा शुल्क का व्यय मैदान की फैंसिंग कार्य में उपयोग करने समेत कई अनियमितता के आरोप में संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा ने कॉलेज को नोटिस जारी कर, 15 दिन में साक्ष्य उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। कॉलेज के वाणिज्य विभाग के एचओडी डॉ.अजीत सिंह की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है। वहीं, प्रबंध समिति के सचिव ने वेतन वृद्धि की मांग पूरी न करने से आहत होकर शिक्षक पर गलत शिकायत करने का आरोप लगाया है।
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वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.अजीत सिंह ने शिकायत की थी कि कॉलेज के प्रबंध तंत्र द्वारा वित्त समिति में वरिष्ठ प्राध्यापक को शामिल न करते हुए किसी अन्य शिक्षक को शामिल किया जोकि विश्वविद्यालय के परिनियमावली का उल्लंघन है।

प्रबंध तंत्र द्वारा विधि पूर्ण ढंग से वित्त समिति का गठन नहीं किया गया, प्रबंध समिति की बैठकों में न तो बजट को प्रस्तुत किया गया और न ही बजट अनुमोदित किया गया। महाविद्यालय में वित्तीय वर्ष 2022-23 में स्टूडेंट फंड के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ऑडिट कराने के लिए विधि पूर्ण ढंग से ऑडिटर की नियुक्ति नहीं की गई। न ही कोई ऑडिट रिपोर्ट प्रबंध समिति की बैठक में प्रस्तुत की गई। क्रीड़ा शुल्क से 2.88 लाख का व्यय मैदान की फैंसिंग कार्यों में उपयोग किया गया। यह उच्च शिक्षा निदेशक अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी की अनुमति प्राप्त किए बगैर करना शासनादेश का उल्लंघन है। इस मामले में संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा प्रेम कुमार पांडेय ने एक फरवरी को नोटिस जारी कर, 15 दिन के अंदर साक्ष्य उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर धारा 58 की उपधारा एक के अंतर्गत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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प्रमोशन का दबाव बना रहे थे डॉ.अजीत, इसलिए की गलत शिकायत

एसएसवी पीजी कॉलेज के सचिव अमित अग्रवाल छावनी वाले ने बताया कि डॉ.अजीत सिंह चार साल तक आयोग में थे, उन्होंने उस काल (2018 से 22) तक की वेतन वृद्धि कराने का दबाव बनाया था। साथ ही वर्ष 2021 से प्रमोशन की मांग कर रहे थे। लेकिन यह नियम विरुद्ध था, इस मामले में निदेशालय को लिखकर दिया गया था। निदेशालय ने इस अवधि की वेतन वृद्धि और प्रमोशन न करने के आदेश दिए। क्रीड़ा शुल्क व्यय के मामले में तत्कालीन प्राचार्य डॉ.सतीश कुमार ने प्रस्ताव बनाकर प्रबंध समिति को दिया था। बैठक में इसे मंजूरी मिलने पर प्राचार्य को कार्य कराने के आदेश दिए गए। इसमें किसी तरह की कोई अनियमितता नहीं है। समूह बनाकर कॉलेज की छवि धूमिल करने के लिए गलत शिकायतें की जा रही हैं। क्रीड़ा व्यय के खाते को प्राचार्य संचालित करता है, इसके चेक आदि पर प्रबंध समिति का कोई हस्ताक्षर नहीं होता।
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