संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। निजी प्रकाशन की किताबों पर ओवर रेटिंग के मामले में अधिकारियों की नींद नहीं टूटी है। परेशान अभिभावकों ने इस मामले में सीएम पोर्टल पर शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इन किताबों पर वास्तविक दरों से 40 फीसदी अधिक दाम लिखकर, अभिभावकों के जेब पर डाका डाला जा रहा है। कुचेसर चौपला निवासी पवन गोयल ने डीएम और सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर बताया कि उनका बेटा कुचेसर रोड चौपला स्थित एक विद्यालय में कक्षा छह का छात्र है। विद्यालय में एनसीईआरटी के बजाए निजी प्रकाशनों की किताबें लगाई गई हैं। इसके लिए एक दुकान चिन्हित की है।
दुकानदार द्वारा निजी प्रकाशन की किताबों पर ओवर रेटिंग की गई है। सरस व्याकरण एवं रचना की किताब का वास्तविक मूल्य 340 रुपये है लेकिन, इस पर टेप लगा दी गई है जबकि, इसी पुस्तक पर मनमाने तरीके से 395 रुपये का रेट अंकित कर दिया है। टेप हटाए जाने पर वास्तविक रेट का पता चल रहा है। वहीं, सोशल स्टडीज की किताब पर वास्तविक दाम 440 थे। इस पर 485 रुपये अंकित किया हुआ था। मुख्य बात यह है कि सभी किताबें एक ही प्रकाशक की हैं।
उन्होंने बताया कि पहले शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन राहत नहीं मिल पाई है। बता दें कि इस समस्या को प्रमुखता से उठाया गया था। डीआईओएस ने जांच की बात भी कही थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। परेशान अभिभावक ने इस मामले में डीएम से शिकायत की है, साथ ही सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है।