हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने छोटे भाई की लोहे की मूसली से सिर पर वार कर हत्या करने के मामले में बड़े भाई को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद शर्मा ने बताया कि हापुड़ नगर कोतवाली में सुधा ने अपने भाई युद्धवीर सिंह निवासी श्रीनगर बैंक कॉलोनी की हत्या के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब मौके पर जाकर जांच की तो मृतक के बड़े भाई सुधीर बाना ने अपने छोटे भाई की हत्या करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने जांच में पाया की आरोपी सुधीर बाना दिल्ली पुलिस में हैंड कांस्टेबल के पद पर तैनात है और वह अपने परिवार के साथ दिल्ली स्थित द्वारिका में रहता है। वहीं मृतक युद्धवीर सिंह अपने पिता के साथ श्रीनगर बैंक कॉलोनी में रहता है। 24 अगस्त 2017 को सुधीर बाना अपने पिता के घर आया था। 27 अगस्त 2017 को सुधीर ने अपने छोटे भाई युद्धवीर के दोस्त श्वेतांकर मिश्रा से शराब व खाना मंगवाया। इस दौरान सुधीर ने अपने छोटे भाई युद्धवीर से अपने वाहन की किस्त देने के लिए चालीस हजार रुपये की मांग की। इस सबके बीच श्वेतांकर मिश्रा अपने घर चला गया।
हत्या के दिन ही कुबूल लिया था जुर्म -
सुबह पता चला की युद्धवीर की लाश बिस्तर पर पड़ी हुई। सूचना मिलने पर मृतक की बहन सुधा भी मौके पर आ गई और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने मामले की जांच में युद्धवीर की हत्या में प्रयोग की गई लोहे की मूसली व खून से सनी जींस बरामद की। पूछताछ करने पर सुधीर ने हत्या करना स्वीकार किया।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट में चल रही थी। जिसके चलते उनके द्वारा अभियोजन पक्ष की तरफ से कई गवाह न्यायालय में पेश किए गए। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कई बड़े साक्ष्य भी न्यायालय में प्रस्तुत किए।
न्यायाधीश मृदुल दुबे ने बुधवार को मामले में निर्णय सुनाया और दोषी सुधीर बाना को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।