हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र में झड़ीना नहर पटरी पर बंदरों के शव मिलने के मामले में पुलिस ने जांच करते हुए बंदरों को मारने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बृहस्पतिवार को एएसपी मुकेश मिश्रा ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया। जिसमें उन्होंने बताया कि 15 मई की सुबह कोतवाली पुलिस और वन विभाग टीम को झड़ीना नहर पटरी पर 26 बंदरों के शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने वन विभाग टीम के साथ संयुक्त रुप से कार्रवाई करते हुए अज्ञात व्यक्तियों पर वन जीव सरंक्षण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया।
एएसपी ने बताया कि तभी से गढ़ सीओ स्तुति सिंह के नेतृत्व में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सोमवीर सिंह अपनी टीम के साथ आरोपियों की तलाश में जुट गए। जिसमें गढ़ पुलिस ने विभिन्न बिंदुओं पर जांच करते हुए आरोपियों को खोज निकाला। एएसपी ने बताया कि आरोपी कपिल, रोहताश उर्फ लाला निवासी गांव शाहपुर चौधरी गढ़ को गिरफ्तार कर लिया।
गन्ने की फसल खराब करने पर दिया घटना को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नहर पटरी के पास ही उन्होंने अपने खेतों पर तीन-तीन बीघा भूमि पर गन्ने की फसल की बोई थी। लेकिन बोआई के तुरंत बाद ही बंदरों ने बीज को खोद कर निकाल दिया। जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ। बंदरों के आतंक से निजात पाने के लिए एक दुकान से दो किलो गुड़ खरीदकर लाए, जिसके बाद गुड़ में आधा किलो फैराडोन (दीमक मारने की दवाईं) मिलाकर नहर पटरी पर रख दिया। जिसको खाने से बंदरों की मौत हुई है। एएसपी मुकेश मिश्रा ने बताया कि दोनों आरोपियों को नामजद किया गया है, गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।