पिलखुवा। गाजियाबाद-पिलखुवा मिनी बस चालक एवं संचालकों ने हाईवे-9 स्थित छिजारसी टोल प्लाजा पर जाम लगा दिया। उन्होंने 40 मिनट तक बसों को टोल प्लाजा की लाइनों में खड़े रखा, इसके चलते टोल प्लाजा के दोनों तरफ कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने बसों को लाइन से हटवा जाम खुलवाया। इसके उपरांत राहगीरों ने रहत की सांस ली।
छिजारसी टोल प्लाजा कर्मियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कार (टैक्सी) चालकों से साथ अब मिनी बस संचालकों ने भी टोल प्लाजा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि पिलखुवा-गाजियाबाद करीब दो दर्जन मिनी बस संचालित हैं, चालकों द्वारा यात्रियों से किराया कम किए जाने के कारण बसों को पूर्व में टोल प्लाजा से फ्री निकाला जा रहा था। लेकिन अब टोल कर्मियों द्वारा बसों से शुल्क वसूला जा रहा है। इसका संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसी के विरोध में मंगलवार को चालकों ने बसों को टोल प्लाजा की लाइनों में खड़ा कर दिया, इससे हाईवे पर टोल प्लाजा के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। चालकों एवं मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अधिकांश वाहन टोल प्लाजा से फ्री गुजरे :
टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाने के कारण, हाईवे को जाम मुक्त कराने के लिए पुलिस को कुछ देर के लिए टोल प्लाजा फ्री करना पड़ा। टोल प्रबंधक योगेश कुमार ने बताया कि इस दौरान हजारों वाहन टोल प्लाजा से फ्री गुजरे। इससे टोल प्लाजा को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा।
टोल के उच्चाधिकारी कल करेंगे वार्ता
टोल प्लाजा के प्रोजेक्ट प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि इस बाबत एनएचएआई व टोल प्लाजा का संचालन करने वाली कंपनी के अधिकारियों से बात की गई। वह कल अर्थात बृहस्पतिवार को कार एवं बस संचालकों को टोल प्लाजा पर वार्ता कर समस्या का हल निकालेंगे।
एनएचएआई की गाइडलाइन के तहत किसी भी टैक्सी एवं कामर्शियल वाहन को टोल प्लाजा से फ्री एवं लोकल पास नहीं बनाया जा सकता। इनके कम दरों पर मासिक पास बनाए जा सकते हैं, जिन्हे टोल कर्मी बनाने को तैयार हैं, लेकिन कार एवं बस संचालक बनवाने को तैयार नहीं हैं। इसी के चलते मंगलवार को चालकों ने बसों को टोल की लाइनों में खड़ा कर हाईवे पर जाम लगा दिया, जिसे ने मौके पर पहुंचकर खुलवाया।
अमित कुमार, प्रोजेक्ट प्रबंधक, छिजारसी टोल प्लाजा।
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