हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायालय द्वारा अपनी ही पुत्री से दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता को दोषी करार दिया गया है। दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए उस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो हरेंद्र त्यागी ने बताया कि हाफिजपुर क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 26 फरवरी 2021 को स्थानीय थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया था कि उसके देवर की पत्नी का बीमारी के कारण 14 फरवरी 2021 को देहांत हो गया था। इसके बाद देवर की पुत्री ने महिला को बताया था कि पिता ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया था। समझाने के बाद भी आरोपी नहीं माना। 26 फरवरी 2021 को उसकी भतीजी जंगल में देवर के साथ काम कर रही थी। इस दौरान पिता ने पुत्री के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। पुत्री किसी तरह जान बचाकर घर पहुंची और आपबीती बताई। जिसमें महिला बच्ची को थाने लेकर पहुंची और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायालय में चल रही थी। मंगलवार को न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 21 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पुनर्वास हेतु एक लाख रुपये की प्रतिकर धनराशि दुष्कर्म पीड़िता को देय होगी।