हापुड़। लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को सुबह से ही अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। वकील लाठी डंडे लेकर कचहरी के गेट पर जमा हो गए और आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को खदेड़ दिया। किसी भी पुलिसकर्मी को कचहरी परिसर में नहीं घुसने दिया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे आसपास के जिलों के अधिवक्ताओं के साथ तहसील चौपले पर थोड़ी थोड़ी देर के लिए तीन बार जाम भी लगाया। इस दौरान पुलिस और वकीलों में टकराव की स्थिति बनी रही। पुलिस बुधवार को पूरी तरह से मुस्तैद लेकिन शांत दिखाई दी। दोपहर बाद तीन बजे तक अधिवक्ताओं का हंगामा चलता रहा। मंगलवार को हुई घटना के मामले में कोतवाली पुलिस ने 17 नामजद समेत 250 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अधिवक्ताओं की ओर से तहरीर नहीं दी गई।
अधिवक्ताओं के हंगामे को देखते हुए बुधवार को सुबह से ही कचहरी गेट और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिसबल तैनात कर दिया गया था। सुबह जैसे ही अधिवक्ता कचहरी पहुंचे हंगामा शुरू हो गया। अधिवक्ताओं ने कचहरी के अंदर और बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों को खदेड़ दिया। इसके बाद लाठी-डंडे लेकर अधिवक्ता कचहरी गेट पर लामबंद हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच गाजियाबाद, बुलंदशहर और मेरठ से भी काफी संख्या में अधिवक्ता पहुंच गए। नारेबाजी करते हुए अधिवक्ता तीन बार तहसील चौपले पर पहुंचे और जाम लगाया। इस दौरान तहसील चौपले के दूसरे छोर पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
अधिवक्ताओं के समर्थन में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष शिवकुमार गौड़ और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. आदिश अग्रवाल भी हापुड़ कचहरी पहुंचे। उन्होंने 48 घंटे के अंदर हापुड़ के डीएम, एसपी और सीओ के स्थानांतरण करने, दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
पुलिस छावनी बनी नगर कोतवाली
वकीलों के हंगामे को देखते हुए बुधवार को बाहर के जिलों से भी पुलिस फोर्स हापुड़ बुला ली गई थी। तहसील चौपले पुलिस बल की तैनाती के साथ नगर कोतवाली में भी बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
डीजी ने तलब की पूरे मामले की रिपोर्ट
डीजीपी कार्यालय से मंगलवार को वकीलों पर हुए लाठीचार्ज की विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। पूरे दिन अधिकारी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे। शाम तक रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
25 अगस्त को महिला अधिवक्ता प्रियंका त्यागी और उनके पिता की कार में पुलिस कर्मी की बाइक की टक्कर के बाद से यह विवाद बढ़ा था। अधिवक्ता पर पुलिसकर्मी की नेमप्लेट उखाड़ने और बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 11 बजे अधिवक्ता इसके विरोध में कोतवाली पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों के साथ वकीलों की नोकझोंक हो गई। इससे बिफरे अधिवक्ताओं ने तहसील चौपले पर चक्का जाम कर दिया। इसके बाद हाथापाई के बीच पुलिस ने अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया था। जिसमें पूर्व बार अध्यक्ष अजीत चौधरी समेत करीब 15 अधिवक्ता घायल हो गए थे। दस पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई थीं।