हापुड़। एक गांव निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग का दिल अपने मृतक बेटे की दूसरी पत्नी पर आ गया। उसके कहने पर दादा ने अपने ही नाबालिग पोता और पोती को घर से निकाल दिया। दर दर की ठोकर खाने के बाद बाल कल्याण समिति ने संज्ञान लिया। बच्चों और दादा की काउंसलिंग कर, दस दिन में बच्चों के प्रति व्यवहार बदल लेने के आदेश दिए। साथ ही बच्चों को परेशान किए जाने पर विधिक कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अभिषेक त्यागी ने कहा कि बच्चों ने काउंसलिंग में दादा और सौतेली मां पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दादा को अंतिम चेतावनी देते हुए दस दिन का समय दिया है, यदि बच्चों के प्रति व्यवहार नहीं सुधरा तो विधिक कार्रवाई की जाएगी। संवाद