हापुड़। जनपद न्यायाधीश कोर्ट में विचाराधीन एक मामले में विवेचक द्वारा आरोपी का आपराधिक इतिहास छिपाया गया। मामले में जनपद न्यायाधीश ने आरोपी की जमानत निरस्त कर दी। वहीं, पुलिस अधीक्षक को आदेश किए कि वह मामले की दोबारा जांच कराए और संबंधित विवेचक रजत शर्मा के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें।
थाना सिंभावली के गांव दत्तियाना निवासी सुमित उर्फ रिंकू पच्चीस अप्रैल 2024 को अपने घर पर अकेला था। तभी पड़ोस में रहने वाला नीरज पुत्र धर्मवीर अपने साथी आर्यन उर्फ चुन्नू पुत्र उदयवीर, विशाल पुत्र ओमवीर व वरुण पुत्र राकेश निवासी किला परीक्षितगढ़ उसके घर पर आ गए। उन्होंने सुमित पर धारदार व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस ने हत्या का प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए।
न्यायालय में आरोपी आर्यन ने अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें कोर्ट द्वारा आरोपी आर्यन के आपराधिक इतिहास के बारे में पुलिस से जानकारी मांगी गई। जिसमें पुलिस ने आरोपी आर्यन का कोई आपराधिक इतिहास नहीं होना बताया। जबकि आरोपी आर्यन पर संगीन धाराओं में दो मुकदमे खरखौदा थाने में दर्ज हैं। जिस पर न्यायाधीश ने आरोपी आर्यन की अग्रिम जमानत खारिज कर दी। साथ ही पुलिस अधीक्षक को आदेश किए हैं कि मामले की जांच कराए और संबंधित विवेचक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें।