जिले के शिक्षा विभाग के अफसरों की लापरवाही से कोचिंग सेंटरों की संख्या बढ़ती जा रही। गली मोहल्ले में खुले कोचिंग सेंटर लोगों के लिए परेशानी बनते जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी उच्च शिक्षा विभाग के अफसर इनके खिलाफ कोई कार्यवाही करने को तैयार नहीं है। इनमें से दर्जनों कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के चल रहे हैं।
जिले में चल रहे कोचिंग सेंटर का पंजीकरण क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कराना जरूरी होता है। इसमें कोचिंग का नाम, पता, संचालक, स्टूडेंट्स की संख्या आदि की जानकारी देनी होती है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी शहर के रिहायशी इलाकों में कोचिंग सेंटर का संचालन बंद नहीं हो रहा है।
गली मोहल्ले में खुले कोचिंग सेंटर कालोनी में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। जिले में करीब 150 कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। इनमें से मात्र 88 कोचिंग सेंटरों का ही पंजीकरण है। कोचिंग सेंटर संचालक छात्रों से मोटी कमाई कर रहे हैं।
शिकायतों के बाद भी विभाग के अफसर कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक वीके शर्मा का कहना है कि रिहायशी इलाकों में नए कोचिंग सेंटर का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। बिना पंजीकरण रिहायशी इलाकों में चल रहेे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अभियान चलाकर बंद कराया जाएगा।