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Hapur News: दुष्कर्म के दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा

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दुष्कर्म को दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा
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हापुड़। अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने पिता-पुत्री के पाक रिश्ते को कलंकित करने वाले पिता को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि थाना सिंभावली क्षेत्र के गांव निवासी महिला ने कोतवाली में 24 जुलाई 2021 को एक तहरीर दी। जिसमें कहा कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री काफी दिनों से गुमसुम व डरी सहमी सी रहती थी। कारण पूछने पर बताया कि पापा मेरे साथ काफी समय से दुष्कर्म कर रहे है। पुलिस ने पॉक्सो सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली और मामले की जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए। न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शुक्रवार को मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें आरोपी पिता संजय को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की अस्सी प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने के लिए कहा है। न्यायाधीश ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता को पुनर्वास के लिए एक लाख रुपये की प्रतिकार धनराशि देने के भी आदेश किए है। आदेश में यह भी कहा है कि प्राधिकरण के पास प्रतिकार की धनराशि देने के लिए फंड न होने पर जिलाधिकारी राज्य सरकार से उक्त धनराशि प्राप्त कर एक माह के अंदर पीड़िता को दे।
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कोर्ट ने मात्र डेढ़ वर्ष में सुनाया फैसला
न्यायालय ने मामले को लेकर पूरी तरह से गंभीरता बरतते हुए तेजी से कार्रवाई की। जिसमें न्यायालय ने मामले में कोई लंबी तारीख भी नहीं दी। न्यायालय ने मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के मात्र डेढ़ वर्ष में ही निर्णय सुना दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी को जमानत भी नहीं दी थी। आरोपी मामले की पूरी सुनवाई के दौरान जेल में ही बंद रहा है।
जेल में बंद आरोपी से नहीं गया कोई मिलने
ग्रामीण व रिश्तेदार दुष्कर्म के दोषी संजय को पंसद नहीं करते थे। घटना के बाद तो सभी के मन में उसको लेकर बेहद नफरत पैदा हो गई। जिसके चलते मुकदमे की सुनवाई के दौरान करीब डेढ़ वर्ष जेल में बंद रहने पर कोई भी रिश्तेदार, दोस्त व ग्रामीण उससे जेल में मिलने तक नहीं गया।
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दुष्कर्म का दोषी नशे का था आदि
ग्रामीणों का कहना है कि दुष्कर्म का दोषी संजय विभिन्न प्रकार के नशा करने का आदि था। वह शराब के अलावा अन्य प्रकार के नशे भी करता था। जिसके चलते ही गांव में कोई भी उससे बातचीत नहीं करता था और उससे दूरी बनाकर रखते थे।
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